निजी स्कूलों में ट्रांसपोर्टरों के भरोसे मासूमों का सफर

नवभारत टाइम्स

नोएडा के एक स्कूल में यूकेजी का बच्चा सात घंटे तक बस में बंद रहा। माता-पिता ने उसे ढूंढ निकाला। स्कूल फीस के नाम पर लाखों वसूलते हैं पर बच्चों की सुरक्षा गैरजिम्मेदार ट्रांसपोर्टरों को सौंप देते हैं। स्कूल बस चार्ज के नाम पर भी मुनाफा कमाते हैं। प्रशासन ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

private schools negligence toddler locked in bus for 7 hours parents searched