Dust Flying From Rmc Plant In Greater Noida West Making Life Difficult For People
RMC प्लांट से उड़ रही धूल, लोगों को सांस लेने में हो रही भारी परेशान
नवभारत टाइम्स•
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आरएमसी प्लांट से उड़ रही धूल लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। ऐस डिविनो सोसायटी के पास चल रहे प्लांट नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। धूल के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। रात में धूल का गुबार उठता है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एनजीटी के नियमों को ताक पर रखकर चल रहे आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांटों ने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। इन प्लांटों से दिन-रात उड़ने वाली धूल के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नोएडा एक्सटेंशन के सेक्टर एक एरिया में ऐस डिविनो सोसायटी से लेकर अरिहंत अम्बर सोसायटी तक कई आरएमसी और मिक्स प्लांट चल रहे हैं। इन प्लांटों के आसपास एनजीटी और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आरोप है कि ऐस डिविनो सोसायटी के ठीक सामने एक प्रोजेक्ट में आरएमसी प्लांट चल रहा है।हाल ही में, एक निवासी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में रात के समय पूरे इलाके में धूल का गुबार साफ दिखाई दे रहा है। वीडियो देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि धूल की वजह से लोग अपने फ्लैट की बालकनी में भी आने से कतरा रहे हैं।
आरएमसी प्लांटों से निकलने वाली धूल हवा को जहरीला बना रही है। यह धूल न सिर्फ लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि उनके जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित कर रही है। बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
सोसायटी के निवासियों ने कई बार इस मामले की शिकायत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से की है। लेकिन, उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारी इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे लोगों में भारी रोष है।
यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब हम देखते हैं कि ये प्लांट आवासीय इलाकों के इतने करीब चल रहे हैं। आरएमसी प्लांटों को शहर से दूर और नियमों के तहत स्थापित किया जाना चाहिए। लेकिन, यहां नियमों का उल्लंघन कर खुलेआम प्लांट चलाए जा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जब तक इन प्लांटों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उन्हें इस धूल और प्रदूषण से निजात नहीं मिलेगी। वे सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और लोगों को स्वच्छ हवा में सांस लेने का अधिकार दिलाएं।