NBT रिपोर्ट: छोटे निवेशकों के पुराने शेयरों को सिर्फ 30 दिनों के भीतर ट्रांसफर करने की सुविधा दी जाएगी। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाला इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी ( IEPFA ) अपनी अगली बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव पर विचार करेगा। यह मीटिंग 27 अक्टूबर को होनी है। ET को मिली जानकारी के अनुसार, एक बार मंजूरी मिलने के बाद ये नए नियम निवेशकों के लिए 5 लाख रुपये तक के फिजिकल शेयरों और 15 लाख रुपये तक के डीमैट शेयरों को तेजी से ट्रांसफर करने की सुविधा देंगे।
ऐसे शेयर, डिविडेंड (लाभांश) और मैच्योर हुए डिबेंचर जिनकी निवेशक सात साल तक मांग नहीं करते, उन्हें कंपनियां IEPFA को ट्रांसफर कर देती हैं। यह नया प्रस्ताव उन ज्यादातर निवेशकों को कवर करेगा जो शेयरों के ट्रांसफर में बेवजह की देरी से जूझ रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में इसमें कुछ सुधार हुआ है। फिलहाल, छोटे निवेशकों के लिए नियमों में कोई खास छूट नहीं है।
मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि छोटे निवेशकों को आसान प्रक्रिया और एक इंटीग्रेटेड पोर्टल के इस्तेमाल से तेजी से शेयर ट्रांसफर किए जा सकते हैं। यह नया प्रस्ताव सरकार के उन बड़े प्रयासों का हिस्सा है जिनका मकसद निवेशकों को ऐसे फाइनैंशल असेट्स के प्रोसेस में होने वाली देरी को कम करना है।

