Ghaziabad Woman Dies In E rickshaw Accident Fir Registered After 14 Days Police Accused Of Negligence
हादसे में ई-रिक्शा सवार महिला की हुई थी मौत, 14 दिन बाद केस दर्ज
नवभारत टाइम्स•
टीएचए लिंक रोड पर रोडवेज बस ने ई-रिक्शे को टक्कर मारी। हादसे में एक महिला की मौत हो गई। ई-रिक्शा चालक भी घायल हुआ। पुलिस ने 14 दिन बाद केस दर्ज किया है। पहले पुलिस ने केस दर्ज करने में आनाकानी की थी। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर अब कार्रवाई हुई है। जांच शुरू कर दी गई है।
गाजियाबाद के THA लिंक रोड थाना क्षेत्र में 21 सितंबर को एक बेकाबू रोडवेज बस चालक ने लापरवाही से ई-रिक्शे को टक्कर मार दी। इस हादसे में ई-रिक्शा पलट गया। इसमें बैठी 42 वर्षीय सुंदरी देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि ई-रिक्शा चालक आशुतोष पंडा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शुरुआत में केस दर्ज करने में आनाकानी की, क्योंकि उन्हें महिला की मौत का मीमो नहीं मिला था। लेकिन, आशुतोष पंडा के बेटे की शिकायत के बाद, गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर 4 अक्टूबर को आखिरकार केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू हो गई है।
यह दर्दनाक घटना 21 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे हुई थी। करैहड़ा मोहन नगर के रहने वाले कीर्ति रंजन पंडा ने बताया कि उनके पिता आशुतोष पंडा ई-रिक्शा चलाते हैं। उस दिन उनके पिता आनंद विहार से वैशाली की रहने वाली सुंदरी देवी (42) को बैठाकर आ रहे थे। वैशाली मैट्रो स्टेशन के पास एक रोडवेज बस चालक ने पीछे से उनके ई-रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा तुरंत पलट गया। इस हादसे में ई-रिक्शा चालक आशुतोष पंडा और यात्री सुंदरी देवी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद राहगीरों ने तुरंत मदद की। उन्होंने सुंदरी देवी को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन, इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। वहीं, आशुतोष पंडा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनका गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कीर्ति रंजन पंडा ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कराने के लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। वह कई बार थाने और चौकी गए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। पुलिस ने केस दर्ज करने में आनाकानी की। पुलिस का कहना था कि उन्हें अस्पताल से महिला की मौत का कोई मीमो नहीं मिला है। इस वजह से महिला का पोस्टमॉर्टम भी नहीं हो सका था।
जब कहीं सुनवाई नहीं हुई, तो ई-रिक्शा चालक के बेटे कीर्ति रंजन पंडा ने हार नहीं मानी। उन्होंने सीधे गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई। आखिरकार, पुलिस ने 4 अक्टूबर को इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। एसीपी साहिबाबाद स्वेता यादव ने बताया कि "केस दर्ज कर इंवेस्टिगेशन शुरू कर दिया गया है।" पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।