तिरुवेरुंबूर सिडको औद्योगिक क्षेत्र को अब एक नई बीटी सड़क मिल गई है। यह सड़क 'बिटुमिनस टार' (Bituminous Tar) नाम के खास पदार्थ से बनी है। इससे वहां आवागमन बहुत आसान हो जाएगा। इस नई सड़क से कंपनियों को अपना सामान लाना-ले जाना आसान होगा। साथ ही, मजदूरों के आने-जाने में भी सुविधा होगी। इस सड़क का बनना तिरुवेरुंबूर सिडको औद्योगिक क्षेत्र के विकास की ओर एक बड़ा कदम है।

नवभारत टाइम्स

तिरुवेरुंबूर सिडको औद्योगिक क्षेत्र को 48 साल बाद डामर की सड़क मिली है। राज्य सरकार ने 47 लाख रुपये की लागत से यह सड़क बनवाई है। यह सड़क 430 मीटर लंबी और 7 मीटर चौड़ी है। इससे उद्योगों को माल लाने-ले जाने और मजदूरों के आने-जाने में सुविधा होगी। यह सड़क औद्योगिक क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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திருச்சி: करीब 48 साल के लंबे इंतजार के बाद, திருவெறும்பूर सिडको औद्योगिक वसाहत को आखिरकार पक्की डामर की सड़क मिल गई है। 1974 में शुरू हुई इस औद्योगिक बस्ती में अब तक सिर्फ कच्ची सड़क ही थी, जिससे यहां काम करने वाले छोटे और मध्यम उद्योगों ( MSMEs ) को भारी परेशानी हो रही थी। राज्य सरकार ने 47 लाख रुपये का अनुदान देकर इस सड़क का निर्माण करवाया है, जिससे उद्यमियों को कच्चा माल लाने-ले जाने और तैयार माल बाहर भेजने में आसानी होगी। पहले उन्हें BHEL திருச்சி कॉम्प्लेक्स की सड़कों का इस्तेमाल करना पड़ता था, लेकिन अब BHEL ने अपनी सड़कें बंद कर दी हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई थीं। तिरुचिरापल्ली जिला लघु और मध्यम उद्योग संघ (Tiditssia) के पूर्व अध्यक्ष आर. इलंगो ने कहा, "इस नई सड़क से हमारे यात्रा का समय बचेगा और खराब मौसम में भी माल की सुरक्षित आवाजाही संभव होगी।"

यह नई सड़क 430 मीटर लंबी और 7 मीटर चौड़ी है। इसे 'कलैगनार नागरपुर मेम्पट्टू थिट्टम' (KNMT) योजना के तहत बनाया गया है। इस सड़क के बनने से औद्योगिक वसाहत सीधे திருச்சி-तंजावुर NH पर स्थित BHEL திருச்சி फ्लाईओवर की सर्विस रोड से जुड़ गई है। इसका सीधा फायदा यहां काम करने वाले करीब 700 लोगों को होगा। साथ ही, इस औद्योगिक वसाहत के पीछे रहने वाले निवासियों को भी इस सड़क से सुविधा मिलेगी।
यह औद्योगिक वसाहत 74.5 एकड़ में फैली हुई है और यह जिले की सात सरकारी औद्योगिक बस्तियों में से एक है। यहां इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन (धातुओं को आकार देना), कास्टिंग (पिघली धातु को ढालना) और मशीनिंग (मशीनों से पुर्जे बनाना) जैसे काम करने वाली करीब 50 उत्पादन इकाइयां हैं। इन सभी उद्योगों को अब इस नई सड़क से बड़ी राहत मिली है। पहले कच्ची सड़क होने के कारण बारिश में कीचड़ और गर्मी में धूल उड़ने से माल की आवाजाही मुश्किल हो जाती थी। अब पक्की सड़क बनने से यह समस्या खत्म हो गई है। यह विकास इस क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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