n NBT न्यूज, गुड़गांव
अप्रैल में गर्मी और बारिश के बाद पानी की गुणवत्ता को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दूषित पानी की बढ़ती शिकायतों और उससे फैलने वाली बीमारियों के खतरे को ध्यान में रखते हुए जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रधान चिकित्सा अधिकारी (PMO) को पत्र लिख सिविल अस्पताल की लैब में पानी के सैंपलों की जांच दो शिफ्ट में कराने की मांग की है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रस्ताव से पानी की जांच की क्षमता दोगुनी हो जाएगी। इससे ज्यादा सैंपल की जांच कम समय में संभव हो सकेगी और दूषित पानी की समस्या का समय रहते समाधान किया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हर साल गर्मी और बारिश के दौरान पानी के दूषित होने की शिकायत बढ़ जाती हैं, जिससे डायरिया, टाइफाइड और अन्य जल जनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विकास स्वामी ने बताया कि सैंपलिंग के आधार पर लैब में टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

