बीमा के बाद अब पेंशन सेक्टर में 100% विदेशी निवेश की कोशिश में केंद्र सरकार!

नवभारत टाइम्स

केंद्र सरकार पेंशन सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी कर रही है। विदेशी कंपनियों के लिए दरवाजे पूरी तरह खोले जा सकते हैं। पेंशन फंड में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49% से बढ़ाकर 100% करने पर विचार हो रहा है। इससे जुड़ा बिल संसद के अगले सत्र में पेश हो सकता है।

बीमा के बाद अब पेंशन सेक्टर में 100% विदेशी निवेश की कोशिश में केंद्र सरकार!
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट : पेंशन सेक्टर में बड़े सुधार की तैयारी करते हुए सरकार विदेशी कंपनियों के लिए दरवाजे पूरी तरह खोलने पर विचार कर रही है। सरकार पेंशन सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को बढ़ाकर 100% कर सकती है। पेंशन फंड में FDI की सीमा फिलहाल 49% है। सूत्रों के मुताबिक इससे जुड़ा एक बिल संसद के अगले सत्र में पेश किया जा सकता है। यह कदम पेंशन सेक्टर को इंश्योरेंस सेक्टर के बराबर लाने के लिए उठाया जा रहा है, जहां पहले से ही 100% विदेशी निवेश की इजाजत है।

TOI के मुताबिक, पिछले साल संसद ने इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने वाले बिल को मंजूरी दी थी। इससे पहले 2015 में इंश्योरेंस ऐक्ट (1938) में बदलाव किया गया था। इसके जरिए FDI की सीमा 49% से बढ़ाकर 74% की गई थी।


बीमा के बाद अब पेंशन सेक्टर में 100% विदेशी निवेश की कोशिश में केंद्र सरकार!

सूत्रों का कहना है कि पेंशन सेक्टर में FDI लिमिट बढ़ाने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ऐक्ट, 2013 में संशोधन किया जाएगा। यह बिल अलग-अलग मंजूरियों के आधार पर मानसून सत्र या शीतकालीन सत्र में आ सकता है। फिलहाल, पेंशन फंड में विदेशी निवेश की अधिकतम सीमा 49% तय है।

NPS पर क्या है योजना?

सूत्रों ने बताया कि इस संशोधन बिल में एनपीएस (NPS) ट्रस्ट को पीएफआरडीए से अलग करने का प्रस्ताव भी शामिल हो सकता है। अभी एनपीएस ट्रस्ट की शक्तियां, कामकाज और जिम्मेदारियां पीएफआरडीए रेगुलेशन 2015 के तहत तय की जाती हैं।