बिजली बिल में गड़बड़ी बिना निरीक्षण के नहीं होगी दुरुस्त

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड ने बिजली बिल सुधार के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब उपभोक्ताओं की शिकायत पर अभियंता मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। बिना निरीक्षण रिपोर्ट के बिल में सुधार नहीं होगा। जेई और एसडीओ को सेंक्शन लोड और घरेलू उपकरणों के लोड का मिलान करना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सही खपत का पता चलेगा।

electricity bill errors will not be corrected without inspection new guidelines issued
नोएडा: उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिजली बिलों में सुधार की प्रक्रिया को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब नोएडा के करीब चार लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिल में गड़बड़ी होने पर उसे ठीक कराना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अनुसार, उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद अब बिजली विभाग के अभियंता को मौके पर जाकर जांच करनी होगी। इस जांच रिपोर्ट (एसआईआर) के बिना बिल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। पहले शिकायत मिलते ही बिल तुरंत ठीक कर दिया जाता था। अब जेई और एसडीओ को उपभोक्ता के घर में स्वीकृत लोड और इस्तेमाल हो रहे बिजली उपकरणों के लोड का मिलान करना होगा।

यह नई व्यवस्था बिलिंग में पारदर्शिता लाने के लिए लागू की गई है। मुख्य अभियंता एसके जैन ने बताया कि इस निरीक्षण से यह साफ हो जाएगा कि उपभोक्ता के घर में कितने किलोवाट का कनेक्शन है और वह कितनी बिजली इस्तेमाल कर रहा है। इससे यह भी पता चलेगा कि बिल सही आ रहा है या नहीं।
फिलहाल नोएडा में स्मार्ट मीटर और आर्मर्ड केबल लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसका मकसद बिजली चोरी और लाइन लॉस को रोकना है। हालांकि, स्मार्ट मीटर लगने के बाद भी हर दिन बिलिंग में गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। नई गाइडलाइन से इन समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं को अब बिल ठीक कराने के लिए विभाग के चक्कर काटने के बजाय, अभियंता के मौके पर आकर जांच करने का इंतजार करना होगा। यह प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो सकती है, लेकिन इससे बिलिंग में होने वाली गलतियों पर लगाम लगेगी।