'राम पथ पर ई-रिक्शा संचालन की मिले अनुमति'

नवभारत टाइम्स

अयोध्या में राम पथ पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगा दी गई है। इससे नाराज ई-रिक्शा चालक आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। चालकों का कहना है कि इससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ई-बसें और गोल्फ कार्ट तैनात की हैं।

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अयोध्या में राम पथ पर ई-रिक्शा चलाने पर लगी रोक के खिलाफ़ डेढ़ हजार से ज़्यादा ई-रिक्शा चालक आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। प्रशासन ने राम मंदिर इलाके में भीड़ और जाम से निपटने के लिए टेढ़ी बाजार से लता मंगेशकर चौराहे तक ई-रिक्शा पर तीन दिन पहले पाबंदी लगाई थी। इसके बदले श्रद्धालुओं को मंदिर और सरयू तट तक पहुंचाने के लिए 14ई बसें और 160 गोल्फ कार्ट तैनात की गई हैं। चालकों का कहना है कि इस रोक से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, राम पथ से हटाए गए ठेले-खोमचे अब रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर लगने लगे हैं, जिन्हें जल्द ही हटाया जाएगा। इस बीच, नजरबाग के 24 दुकानदार भी ई-रिक्शा चालकों के समर्थन में उतर आए हैं।

अयोध्या में राम पथ पर ई-रिक्शा के संचालन पर अचानक रोक लगा दी गई है। यह फैसला टेढ़ी बाजार से लेकर लता मंगेशकर चौराहे तक लागू किया गया है। प्रशासन का कहना है कि राम मंदिर के आसपास भीड़ और जाम की समस्या को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस रोक के कारण करीब डेढ़ हजार ई-रिक्शा चालक बेरोजगार हो गए हैं।
इन चालकों ने अपनी रोजी-रोटी छिन जाने के विरोध में मेयर से कोई आश्वासन न मिलने पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि इस रोक से उनके परिवारों का पेट पालना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन ने ई-रिक्शा की जगह श्रद्धालुओं को मंदिर और सरयू तट तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। इसके तहत 14ई बसें और 160 गोल्फ कार्ट तैनात की गई हैं।

इस बीच, राम पथ की पटरियों से हटाए गए ठेले और खोमचे अब अयोध्या रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते पर लगने लगे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि जल्द ही एक अभियान चलाकर इन्हें भी हटाया जाएगा।

ई-रिक्शा चालकों के इस आंदोलन को नजरबाग के 24 दुकानदारों का भी समर्थन मिला है। वे भी चालकों की मांग को जायज ठहरा रहे हैं।