रास्ते में ऐम्बुलेंस रोक गर्भवती की कराई डिलिवरी

नवभारत टाइम्स

हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाते समय रास्ते में प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। ऐम्बुलेंस को तुरंत रोका गया। ईएमटी ऊमा रानी और आशा वीरबाला ने मिलकर ऐम्बुलेंस में ही सुरक्षित डिलिवरी कराई। महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। यह घटना 108 और 102 ऐम्बुलेंस सेवा की तत्परता को दर्शाती है।

successful delivery in ambulance on the way mother and baby both healthy
हापुड़: बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव आलमनगर में एक गर्भवती महिला वाशु को प्रसव पीड़ा होने पर 108 और 102 ऐम्बुलेंस सेवा की मदद से अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में गंगा एक्सप्रेसवे के पास पहुंचने पर महिला को तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद ऐम्बुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। ऐम्बुलेंस की ईएमटी ऊमा रानी और आशा वीरबाला ने मिलकर एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिलाया।

108 और 102 ऐम्बुलेंस सेवा के जिला प्रभारी सौरभ शर्मा ने बताया कि बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव आलमनगर में तैनात आशा वीरबाला को प्रदीप की पत्नी वाशु को प्रसव पीड़ा होने की जानकारी मिली। जानकारी मिलते ही ऐम्बुलेंस महज़ सात मिनट के अंदर अस्पताल के लिए रवाना हो गई।
जब ऐम्बुलेंस गंगा एक्सप्रेसवे के पास पहुंची, तो वाशु को प्रसव पीड़ा बहुत ज़्यादा होने लगी। ऐसे में ऐम्बुलेंस की ईएमटी ऊमा रानी ने तुरंत चालक धर्मेंद्र से ऐम्बुलेंस को सड़क किनारे रोकने के लिए कहा। ऊमा रानी ने आशा वीरबाला के सहयोग से ऐम्बुलेंस के अंदर ही सुरक्षित प्रसव कराया। वाशु ने एक प्यारी सी बच्ची को जन्म दिया। यह घटना ऐम्बुलेंस सेवाओं की तत्परता और कर्मचारियों की सूझबूझ को दर्शाती है।