74 Recruiters Seek Ai Help In Talent Search Major Shift In Hiring
‘74% रिक्रूटर्स को टैलेंट सर्चमें परेशानी’
नवभारत टाइम्स•
नौकरी ढूंढने वालों के लिए अच्छी खबर है। कंपनियां अब डिग्री से ज्यादा स्किल्स को महत्व दे रही हैं। 74% रिक्रूटर्स को योग्य उम्मीदवार खोजने में दिक्कत आ रही है। हायरिंग में 40% की वृद्धि के बावजूद यह समस्या बनी हुई है। छिपी हुई प्रतिभा को खोजने के लिए 71% रिक्रूटर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मुंबई में रिक्रूटर्स को योग्य उम्मीदवार ढूंढने में भारी दिक्कत आ रही है। लिंक्डइन की नई रिसर्च बताती है कि 74% रिक्रूटर्स को अच्छे कैंडिडेट नहीं मिल पा रहे हैं, जबकि हायरिंग का काम कोविड से पहले के मुकाबले 40% बढ़ गया है। इस मुश्किल को दूर करने के लिए 71% रिक्रूटर्स 'छिपी हुई प्रतिभा' को खोजने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
रिक्रूटर्स में से आधे से ज़्यादा ने AI से तैयार हुए आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी देखी है। लिंक्डइन टैलेंट सॉल्यूशंस की APAC VP रुचि आनंद ने बताया कि हायरिंग के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। अब सिर्फ पुरानी डिग्री या पिछले अनुभव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बल्कि, इस बात पर ज़्यादा ज़ोर है कि व्यक्ति के पास कौन-कौन सी स्किल्स (कौशल) हैं और वह क्या कर सकता है।रुचि आनंद ने आगे कहा, "यह AI के बिना बहुत मुश्किल है।" उन्होंने बताया कि AI टूल्स, जैसे हायरिंग असिस्टेंट, इस प्रक्रिया में काफी मदद कर रहे हैं। AI रिक्रूटर्स को ऐसे कैंडिडेट ढूंढने में मदद करता है जिनके पास शायद पारंपरिक तरीके से आवेदन करने के लिए ज़रूरी अनुभव न हो, लेकिन उनके पास काम के लिए ज़रूरी स्किल्स हों। यह रिक्रूटर्स के लिए एक नया और प्रभावी तरीका साबित हो रहा है।