पार्क की ज़मीन पर कब्जे का विरोध

नवभारत टाइम्स

सेक्टर 83 की एम्मार पाम गार्डन सोसायटी में निवासियों ने पार्क की जमीन पर कब्जे का विरोध किया। उनका कहना है कि यह जमीन पार्क और स्कूल के लिए आरक्षित थी। बिल्डर ने यह जमीन एक निजी कंपनी को बेच दी है। निवासियों ने निर्माण का विरोध करने का फैसला किया है। यह सोसायटी की साझा जमीन है।

protest against encroachment on park land in emaar palm garden residents protest
सेक्टर 83 की एम्मार पाम गार्डन सोसायटी के निवासियों ने सोमवार को पार्क की जमीन पर कब्जे के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि बिल्डर एम्मार ने फ्लैट बेचते समय पार्क और स्कूल के लिए बताई गई जमीन को एक निजी कंपनी को बेच दिया है, जिससे बच्चों के खेलने की जगह और हरियाली खतरे में पड़ गई है। निवासियों ने इस निर्माण का कड़ा विरोध करने का फैसला किया है।

सोमवार की सुबह, बड़ी संख्या में लोग पार्क में जमा हुए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण नहीं होने देंगे। निवासियों का कहना है कि यह जमीन शुरू से ही पार्क और स्कूल के लिए आरक्षित थी। बिल्डर एम्मार ने खुद अपने कागजों में भी इसे पार्क और स्कूल की जमीन के तौर पर दिखाया था।
लेकिन अब आरोप है कि बिल्डर ने यही जमीन एक निजी कंपनी को बेच दी है। यह कंपनी अब वहां कुछ और बनाने की योजना बना रही है। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सुनील शर्मा और उनकी टीम ने इस पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह सोसायटी की साझा जमीन है।

अगर यहां निर्माण हुआ तो बच्चों के खेलने की जगह पूरी तरह खत्म हो जाएगी। साथ ही, सोसायटी की हरियाली को भी भारी नुकसान पहुंचेगा। लोगों का मानना है कि यह उनके अधिकारों का सरासर उल्लंघन है।

इस मामले में जब बिल्डर पक्ष के अधिकारी मनीष कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया। निवासियों का गुस्सा इस बात पर है कि जिस जमीन को विकास के लिए छोड़ा गया था, उसे अब व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। वे अपनी साझा संपत्ति को बचाने के लिए एकजुट हैं।