बेटे को स्कूल भेज चार साल की बेटी संग ट्रेन के आगे कूदी महिला

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। सुभाष कॉलोनी की रेनू ने अपनी चार साल की बेटी सिद्धि के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। बेटे को स्कूल भेजने के बाद वह बेटी को लेकर घर से निकली थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

woman jumps in front of train with four year old daughter after sending son to school mental illness suspected
फरीदाबाद की सुभाष कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक 38 वर्षीय महिला, रेनू, ने अपनी चार साल की बेटी सिद्धि के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। यह भयानक कदम मानसिक बीमारी के कारण उठाया गया बताया जा रहा है। जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार, रेनू का पति दिनेश सुभाष कॉलोनी में रहता है और डेयरी का काम करके परिवार का पालन-पोषण करता है। करीब नौ साल पहले उसकी शादी आगरा की रहने वाली रेनू से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं - एक सात साल का बेटा जो स्कूल जाता है, और चार साल की बेटी सिद्धि।
जीआरपी के जांच अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि सोमवार की सुबह रेनू ने अपने बेटे का लंच पैक किया और उसे स्कूल छोड़ने गई। इसके बाद, करीब साढ़े नौ बजे, वह अपनी चार साल की बेटी सिद्धि को लेकर घर से निकली। कुछ देर बाद, एसीटीएल कंपनी के पास किसी ट्रेन के आगे कूदकर दोनों ने अपनी जान दे दी। जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस के लोको पायलट ने कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही रेनू का पति दिनेश और उसका देवर मौके पर पहुंच गए। आगरा से रेनू के मायकेवालों को भी बुलाया गया। उन्होंने बताया कि रेनू किसी बीमारी से परेशान थी और इसी वजह से वह मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि उसने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया।

यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग रेनू के इस कदम से हैरान हैं और उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की कमी और समय पर इलाज न मिलने के कारण ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जरूरतमंदों को मदद पहुंचाई जानी चाहिए।

इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पूरी तरह से पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ और स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, परिवार गहरे सदमे में है और उन्हें इस दुख की घड़ी से उबरने में समय लगेगा।