NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : साल 2021 से 2025 के बीच डिजिटल ट्रांजैक्शंस में करीब 11 गुना बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान डिजिटल माध्यमों से हुए कुल लेनदेन में लगभग 80% हिस्सा UPI का रहा। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाओं के विभाग की ओर से सोमवार को जारी एक स्टडी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
विभाग के मुताबिक रूपे डेबिट कार्ड और और कम वैल्यू के भीम-यूपीआई ट्रांजैक्शंस को बढ़ावा देने के लिए चलाई गई इंसेंटिव स्कीम के सामाजिक-आर्थिक असर का अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि विभिन्न सोशियो-इकनॉमिक सेगमेंट्स में डिजिटल पेमेंट्स का चलन लगातार बढ़ रहा है। लेनदेन में UPI सबसे पसंदीदा जरिया बनकर उभरा और इसका हिस्सा 57% रहा। इस्तेमाल में आसानी और पैसा तुरंत ट्रांसफर होने की सुविधा के चलते ज्यादा लोग इसे अपना रहे हैं। वहीं, कैश ट्रांजैक्शंस की हिस्सेदारी 38% रही।
18-25 साल के बीच ज्यादा चलन
स्टडी के मुताबिक, 65% UPI यूजर अब दिन में एक से ज्यादा डिजिटल लेनदेन कर रहे हैं। खासतौर से 18-25 साल के लोगों में UPI का उपयोग ज्यादा है और इनमें अडॉप्शन रेट 66% रही। 90% यूजर्स ने कहा कि UPI और रूपे कार्ड्स इस्तेमाल करने के बाद डिजिटल पेमेंट्स पर उनका भरोसा बढ़ा। 52% यूजर्स ने कहा कि उन्होंने कैशबैक के चलते डिजिटल लेनदेन अपनाया। 74% ने पेमेंट की स्पीड को अहम बताया।


