रामपुर जिले में वकील फारुख अहमद की जिला पंचायत ऑफिस में हत्या के खिलाफ तीन दिन से आंदोलित अधिवक्ताओं ने सोमवार को अदालतों में काम नहीं किया। इस बीच एसपी विद्यासागर मिश्र ने सिविल लाइंस के थानेदार संजीव कुमार को हटा दिया।
वकील नामजद सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने, मुख्य आरोपी जिला पंचायत कर्मी असगर अली की संपत्ति की जांच कराने, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। साथ ही जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को सह आरोपी बताते हुए गिरफ्तारी की मांग और पीड़ित परिवार को पांच करोड़ रुपये की आर्थिक मदद की मांग पर अड़े हैं। अधिवक्ताओं ने सोमवार को काम नहीं किया और सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
अधिवक्ता फारुख अहमद की हत्या के बाद वकीलों के निशाने पर आए सिविल लाइंस थाने के प्रभारी संजीव कुमार को हटा दिया गया है। उन्हें स्वार कोतवाली भेजा गया है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से अधिवक्ताओं का गुस्सा कम करने की कोशिश की गई है। एएसपी अनुराग सिंह ने के मुताबिक इंस्पेक्टर संजीव कुमार को स्वार कोतवाली भेजा गया है। शहर कोतवाली में तैनात ओमकार सिंह को सिविल लाइंस थाने की कमान दी गई है।


