थोक महंगाई ने तोड़ा 10 महीने का रेकॉर्ड

नवभारत टाइम्स

खाद्य पदार्थों और कारखाने में बनी चीजों के दाम बढ़े हैं। जनवरी में थोक महंगाई दर 1.81% हो गई है। यह पिछले 10 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। लगातार तीसरे महीने महंगाई बढ़ी है। खाने-पीने की चीजों में महंगाई दर 1.55% रही। सब्जियों में महंगाई दर बढ़ी है। तिलहन में भी महंगाई बढ़ी है। यह स्थिति चिंताजनक है।

थोक महंगाई ने तोड़ा 10 महीने का रेकॉर्ड
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : खाद्य पदार्थों और कारखाने में बनी चीजों के दाम चढ़ने के चलते जनवरी में थोक महंगाई दर सालभर पहले के इसी महीने के मुकाबले बढ़कर 1.81% हो गई। यह इसका 10 महीनों का ऊंचा स्तर है। साथ ही यह लगातार तीसरे महीने बढ़ी है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री के सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों में थोक महंगाई दर 1.55% रही और नॉन-फूड आइटम्स में यह 7.6% रही। थोक महंगाई दर पिछले साल जनवरी में 2.51% और दिसंबर में 0.83% थी।

मैन्युफैक्चर्ड आइटम्स में महंगाई दर 2.86% हो गई, जो दिसंबर में 1.82% थी। इसमें वैश्विक स्थितियों के चलते मेटल्स की महंगाई दर बढ़कर 6% होने का असर दिखा। खाने-पीने की चीजों में महंगाई दर 1.55% हो गई, जो दिसंबर में माइनस 0.43% थी। सब्जियों में महंगाई दर दिसंबर के माइनस 3.50% से बढ़कर 6.8% हो गई। हालांकि आलू-प्याज में नरमी रही। वहीं, तिलहन में यह 14.82% से बढ़कर 19.25% हो गई।

बैंक ऑफ बड़ौदा के चीफ इकनॉमिस्ट मदन सबनवीस ने कहा, अक्टूबर के बाद से इंफ्लेशन बढ़ने का रुझान है। इसमें बेस इफेक्ट का रोल ज्यादा है, क्योंकि मोटे तौर पर सप्लाई सामान्य रही हैं। केयरएज की चीफ इकनॉमिस्ट रजनी सिन्हा ने कहा, थोक महंगाई 10 माह के ऊंचे स्तर पर चली गई। यह हमारे अनुमान से ज्यादा रही।