Epfo Investment Pattern Major Shift Increased Stake In Stock Market Reduced In Bonds
शेयर बाज़ार में दांव...
नवभारत टाइम्स•
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ईपीएफओ अपने 31 लाख करोड़ रुपये के फंड का बड़ा हिस्सा सरकारी बॉण्ड्स में लगा रहा है। यह निवेश करीब 88% तक है। शेयर बाज़ार में निवेश 10.6% है। ईपीएफओ सरकारी सिक्योरिटीज में 45 से 65% और कॉरपोरेट डेट में 20 से 45% तक निवेश करता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने निवेश पैटर्न में बड़ा बदलाव किया है। अब EPFO अपने कुल फंड का करीब 88% सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करेगा, जबकि शेयर बाजार में निवेश 10.6% तक सीमित रहेगा। यह बदलाव EPFO के लगभग 31 लाख करोड़ रुपये के कुल फंड के लिए किया गया है। पहले, EPFO सरकारी सिक्योरिटीज में 45-65% और कॉरपोरेट डेट में 20-45% निवेश करता था।
EPFO ने अपने निवेश के तरीके में एक महत्वपूर्ण फेरबदल किया है। अब यह अपने विशाल फंड का एक बड़ा हिस्सा, यानी लगभग 88%, सरकारी बॉन्ड्स में लगाएगा। यह कदम EPFO के कुल 31 लाख करोड़ रुपये के फंड को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।शेयर बाजार में निवेश को लेकर भी नियम बदले हैं। पहले जहां कुछ हद तक शेयर बाजार में निवेश की अनुमति थी, वहीं अब इसे घटाकर 10.6% कर दिया गया है। हालांकि, नियम अभी भी 5-15% तक निवेश की इजाजत देते हैं, लेकिन EPFO ने इसे 10.6% पर स्थिर किया है।
यह नया निवेश पैटर्न EPFO के लिए एक बड़ा बदलाव है। पहले, संगठन सरकारी सिक्योरिटीज में 45-65% तक निवेश करता था। साथ ही, कॉरपोरेट डेट यानी कंपनियों के कर्ज में भी 20-45% तक निवेश किया जाता था। अब इन दोनों में बदलाव आया है।
सरल शब्दों में कहें तो, EPFO अब अपने पैसे को सरकारी बॉन्ड्स में ज्यादा सुरक्षित रखना चाहता है। शेयर बाजार में थोड़ा जोखिम होता है, इसलिए वहां निवेश कम कर दिया गया है। यह सब EPFO के सदस्यों के पैसे की सुरक्षा और बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।