हेराफेरी के आरोपों को एओए ने बताया झूठा

नवभारत टाइम्स

गौड़ सिटी-2 में एओए पर लगे करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोपों को अध्यक्ष सचिन त्यागी ने खारिज किया है। उन्होंने बताया कि पेंटिंग के काम के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और काम जारी है। रजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देशानुसार पुरानी एओए का कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई एओए ने जीबीएम में प्रस्ताव को मंजूरी दिलाई।

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नोएडा के गौर सिटी-2 में एओए (एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट्स) पर करोड़ों रुपये की गड़बड़ी के आरोपों को एओए अध्यक्ष सचिन त्यागी ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप झूठे हैं और उनके पिछले कार्यकाल में सोसायटी की पेंटिंग के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई थी और काम भी शुरू हो गया था। इस मामले में कुछ निवासियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत की थी, जिसके बाद रजिस्ट्रार ने नई एओए को दोबारा जनरल बॉडी मीटिंग (जीबीएम) बुलाकर पेंटिंग प्रस्ताव पर मंजूरी लेने और पिछले चार साल का ऑडिट कराने का निर्देश दिया था।

सचिन त्यागी ने बताया कि चुनाव जीतने के बाद उन्होंने नई जीबीएम बुलाई और पेंटिंग के प्रस्ताव पर वोटिंग कराई, जिसमें किसी ने विरोध नहीं किया। सभी जरूरी कागजात रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कर दिए गए हैं और पेंटिंग का काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि थर्ड पार्टी ऑडिटर ने चार साल का ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट जमा कर दी है, लेकिन अभी तक उन्हें इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। त्यागी का आरोप है कि कुछ विरोधी लोग अधूरी जानकारी के आधार पर उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब सोसायटी के कुछ लोगों ने एओए पर हेराफेरी के आरोप लगाए थे। इन आरोपों के जवाब में, सचिन त्यागी ने स्पष्ट किया कि पेंटिंग का काम एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत शुरू किया गया था। पिछली एओए के कार्यकाल में ही टेंडर निकाला गया था और काम भी शुरू हो गया था। हालांकि, उस समय वोटिंग नहीं हो पाई थी।

कुछ निवासियों ने इस बात को लेकर रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। रजिस्ट्रार ने दोनों पक्षों की बात सुनी और पाया कि पुरानी एओए का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। इसलिए, रजिस्ट्रार ने निर्देश दिया कि नई एओए को फिर से जीबीएम बुलानी होगी। इस मीटिंग में पेंटिंग के प्रस्ताव को मंजूरी दिलानी होगी। साथ ही, पिछले चार सालों का ऑडिट भी कराना होगा।

त्यागी ने आगे बताया कि नई एओए के चुनाव में दोबारा जीतने के बाद, उन्होंने तुरंत जीबीएम बुलाई। इस मीटिंग में पेंटिंग के काम पर वोटिंग हुई और सभी सदस्यों ने इस पर सहमति जताई। किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक दस्तावेज रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कर दिए जाएं। फिलहाल, सोसायटी में पेंटिंग का काम जारी है।

सचिन त्यागी ने यह भी बताया कि एक थर्ड पार्टी ऑडिटर ने पिछले चार सालों का ऑडिट पूरा कर लिया है और अपनी रिपोर्ट जमा कर दी है। हालांकि, उन्हें अभी तक इस रिपोर्ट की आधिकारिक कॉपी नहीं मिली है। उनका मानना है कि कुछ लोग इस अधूरी जानकारी का फायदा उठाकर उनके खिलाफ गलत प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल नहीं हैं और सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार ही की जा रही हैं।