ग्रेनो में लौटाए कूड़ा कलेक्शन कर्मचारी, शुल्क से किया इनकार

नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में कूड़ा कलेक्शन शुल्क को लेकर प्राधिकरण और निवासियों के बीच विवाद गहरा गया है। निवासियों ने शुल्क देने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक सफाई व्यवस्था बेहतर नहीं होती, वे कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं करेंगे।

greater noida residents protest garbage collection fee send back employees
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन को लेकर प्राधिकरण और निवासियों के बीच तकरार बढ़ गई है। शुक्रवार को ब्लू प्लेनेट कंपनी के कर्मचारी जब कूड़ा उठाने का शुल्क लेने पहुंचे, तो सेक्टरवासियों ने उन्हें खाली हाथ लौटा दिया। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक सफाई का काम ठीक से नहीं होता, तब तक वे कोई पैसा नहीं देंगे।

RWA अध्यक्ष संगीता शर्मा और महासचिव हरेंद्र भाटी ने मिलकर कहा कि प्राधिकरण पहले ही लीज रेंट और ट्रांसफर चार्ज के नाम पर बहुत सारा पैसा वसूलता है। ऐसे में, सफाई और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए अलग से पैसे लेना आम जनता पर बोझ डालना है। निवासियों ने पानी के बिल में हर साल 10% की बढ़ोतरी का भी कड़ा विरोध किया। उनका आरोप है कि अगर वे पैसे नहीं देते, तो कर्मचारी कूड़ा उठाने से मना कर देते हैं, जो बिल्कुल गलत है।
सेक्टर के लोगों ने एक साथ मांग की है कि गार्बेज शुल्क और पानी के बिल में बढ़ोतरी के फैसले तुरंत वापस लिए जाएं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं भरेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान न करने पर कर्मचारी कूड़ा उठाने से मना करते हैं, जो सरासर गलत है। निवासियों का कहना है कि प्राधिकरण लीज रेंट और ट्रांसफर चार्ज के रूप में पहले ही भारी राशि वसूलता है, ऐसे में सफाई और जल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए अतिरिक्त शुल्क लेना जनता पर बोझ है।