बिना अनुमति के पोल पर लगे सभी केबल हटाएगी NPCL

नवभारत टाइम्स

ग्रेटर नोएडा में एनपीसीएल बिजली के खंभों पर लगे अवैध केबल हटाने जा रही है। इससे इंटरनेट सेवाओं में बाधा आ सकती है। कंपनी ने दूरसंचार और इंटरनेट कंपनियों को चेतावनी दी है। नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई होगी। जो कंपनियां खंभों का उपयोग करना चाहती हैं, उन्हें अनुमति लेनी होगी।

npcls big action in greater noida warning to remove illegal cables internet service may be disrupted
ग्रेटर नोएडा में NPCL ने बिजली के खंभों पर अवैध रूप से डाले गए केबल और ऑप्टिकल फाइबर केबल हटाने की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई से लोगों को इंटरनेट की दिक्कत हो सकती है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि उनके लाइसेंस वाले इलाके में बिना इजाजत बिजली के खंभों का इस्तेमाल करने वाली दूरसंचार और इंटरनेट कंपनियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। NPCL के अनुसार, जो भी कंपनी बिजली के खंभों का इस्तेमाल करना चाहती है, उसे तय नियमों और शर्तों के तहत ही अपने केबल खंभों से जोड़ने होंगे। NPCL के मीडिया प्रवक्ता मनोज झा ने बताया कि कुछ दिन पहले कंपनियों के साथ मीटिंग में यह चेतावनी दी जा चुकी है। उन्हें या तो अवैध केबल हटाने होंगे या फिर बाकायदा अनुमति लेकर ही अपना काम करना होगा।

NPCL की इस चेतावनी से ग्रेटर नोएडा के लोगों के इंटरनेट कनेक्शन पर असर पड़ सकता है। दरअसल, कई इंटरनेट और दूरसंचार कंपनियां बिजली के खंभों का इस्तेमाल अपने केबल बिछाने के लिए कर रही हैं। यह काम बिना किसी अनुमति के किया जा रहा है, जो NPCL के नियमों के खिलाफ है।
NPCL ने साफ किया है कि अगर कोई कंपनी उनके लाइसेंस क्षेत्र में बिजली के खंभों का इस्तेमाल करती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है ताकि बिजली के खंभों का इस्तेमाल सुरक्षित और नियमों के दायरे में हो।

NPCL के मीडिया प्रवक्ता मनोज झा ने इस मामले पर बात करते हुए कहा, "कुछ दिनों पहले कंपनियों के साथ बैठ कर चेतावनी दी जा चुकी है। वे अवैध केबल हटाएं या विधिवत अनुमति लेकर ही संचालन करें।" इसका मतलब है कि कंपनियों को या तो अपने गैर-कानूनी केबल हटाने होंगे या फिर NPCL से अनुमति लेनी होगी।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ऑप्टिकल फाइबर केबल इंटरनेट सेवा प्रदान करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। ये केबल बहुत पतले होते हैं और बिजली के खंभों पर लगाए जाते हैं ताकि इंटरनेट सिग्नल दूर-दूर तक पहुंच सकें। लेकिन, अगर ये केबल बिना अनुमति के लगाए जाएं तो यह बिजली विभाग के लिए सुरक्षा का खतरा पैदा कर सकते हैं।