NBT रिपोर्ट, नई दिल्ली : भारत में इस साल के अंत तक परमानेंट मैग्नेट्स का प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि रणनीतिक कदम के तहत क्रिटिकल मिनरल्स में वैल्यू क्रिएशन पर जोर बढ़ाने की जरूरत है।
रेड्डी ने क्रिटिकल मिनरल्स के बारे में FICCI के आयोजन में कहा कि भारत रणनीतिक और आर्थिक भविष्य सुरक्षित करने के लिए क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में खुद को एक आकर्षक ठिकाने के रूप में पेश करने के कदम उठा रहा है। रेड्डी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स की अभी जितनी जरूरत पड़ती है, उसका 95% हिस्सा आयात करना पड़ता है, लिहाजा माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसाइकिलिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार क्रिटिकल मिनरल्स के आयात पर निर्भरता घटाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफॉर्म एक्सप्रेस मोड में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में सुधारों की रफ्तार तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है। रेड्डी ने कहा कि 7280 करोड़ रुपये की PLI स्कीम के साथ इस साल के अंत तक देश में परमानेंट मैग्नेट्स का उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात में क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाई जाएंगी। रेड्डी ने कहा कि इस सेक्टर में इनोवेशन, रिसर्च एंड डिवेलपमेंट और स्किल डिवेलपमेंट बढ़ाने के लिए 9 सेंटर्स ऑफ एक्सिलेंस चुने गए हैं। 32000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ काम शुरू हो गया है।


