हर सेक्टर में बिकवाली

नवभारत टाइम्स

दुनिया भर के निवेशकों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर डर है। इससे हर सेक्टर में बिकवाली देखी जा रही है। ब्रेंट क्रूड अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है।

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर के निवेशकों को डरा दिया है। इस वजह से हर सेक्टर में बिकवाली हुई है। ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तेल की सप्लाई रुकने के डर से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। नायर के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी ने भी भारतीय बाजार पर बुरा असर डाला है।

विनोद नायर ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक निवेशकों में घबराहट फैल गई। इस घबराहट के चलते शेयर बाजार में हर जगह बिकवाली का माहौल बन गया। कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड इस साल अब तक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है।
कच्चे तेल के दाम बढ़ने से आम आदमी के लिए महंगाई की चिंता और बढ़ गई है। इसके अलावा, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से तेल की आपूर्ति बाधित होने का डर भी बाजार में अस्थिरता ला रहा है।

नायर ने भारतीय बाजार पर असर डालने वाले अन्य कारणों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं, इसे लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। साथ ही, भारतीय रुपये का कमजोर होना भी शेयर बाजार के लिए एक नकारात्मक संकेत है। इन सब वजहों से भारतीय शेयर बाजार पर दबाव देखा जा रहा है।