Health Departments Special Campaign In Hathin Gaon 1018 Samples Negative But Villagers Claims Differ
1018 मरीजों के लिए ब्लड सैंपल, सभी रिपोर्ट निगेटिव
नवभारत टाइम्स•
हथीनगांव छांयसा में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। 1018 मरीजों की जांच में सभी रिपोर्ट निगेटिव आई। हेपेटाइटिस ए, ई, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के सैंपल निगेटिव मिले। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि हेपेटाइटिस-सी के तीन मरीज पॉजिटिव मिले हैं। दो की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के दावों में अंतर है।
हथीनगांव छांयसा में स्वास्थ्य विभाग के विशेष जांच अभियान के तहत शुक्रवार को 1018 मरीजों की जांच की गई और संक्रामक रोगों के लिए सैंपल लिए गए। विभाग के अनुसार हेपेटाइटिस ए, ई, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस के 60 सैंपल में कोई पॉजिटिव केस नहीं मिला, जबकि हेपेटाइटिस-बी और सी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। वहीं, ग्रामीणों का दावा है कि तीन मरीज हेपेटाइटिस-सी पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और ग्रामीणों के दावों के बीच अंतर पैदा हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने हथीनगांव छांयसा में एक बड़े स्वास्थ्य जांच अभियान का आयोजन किया। इस अभियान के दौरान, कुल 1018 मरीजों की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) की गई। इसका मतलब है कि इतने सारे लोगों ने डॉक्टर से सलाह ली और अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बताया। विभाग ने विभिन्न संक्रामक बीमारियों का पता लगाने के लिए कई सैंपल भी एकत्र किए।हेपेटाइटिस ए और ई, लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस जैसी बीमारियों की जांच के लिए 60 सैंपल लिए गए। अच्छी खबर यह है कि इन सभी सैंपल में कोई भी मरीज पॉजिटिव नहीं पाया गया। इसका मतलब है कि इन बीमारियों का कोई मामला सामने नहीं आया। अब तक, कुल 1092 सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं, जो बीमारियों की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसके अलावा, हेपेटाइटिस-बी की पुष्टि के लिए 11 ब्लड सैंपल और हेपेटाइटिस-सी (एचसीवी) की जांच के लिए 40 ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इन सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। बुखार की जांच के लिए 52 ब्लड स्लाइड तैयार की गईं, लेकिन इनमें पीवी/पीएफ (मलेरिया परजीवी) का कोई भी पॉजिटिव केस नहीं मिला।
स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया। इस सर्वे के तहत 2293 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, यानी उनके स्वास्थ्य की सामान्य जांच की गई। हेपेटाइटिस-बी से बचाव के लिए 212 लोगों को टीका भी लगाया गया। एसएमओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि गांव में स्थिति नियंत्रण में है और जांच व टीकाकरण अभियान जारी रहेगा।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार को गांव में तीन मरीज हेपेटाइटिस-सी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से दो मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। एक मरीज का इलाज नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जबकि दूसरे का इलाज पलवल में हो रहा है। एक बुजुर्ग का इलाज गांव में ही किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट और ग्रामीणों के दावों के बीच इस अंतर के कारण गांव की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे क्या होता है और सच्चाई क्या है।