Police Personnel Injured In Surajkund Accident Honored For Bravery
सूरजकुंड हादसे में घायल पुलिसकर्मियों को किया गया सम्मानित
नवभारत टाइम्स•
सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से घायल पुलिसकर्मियों को पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने सम्मानित किया। इस हादसे में एक इंस्पेक्टर शहीद हुए थे। वहीं, भोपाल से साइबर ठगों को लाते समय सड़क दुर्घटना में घायल पुलिसकर्मियों को भी पुरस्कृत किया गया। पुलिसकर्मियों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सराहा गया।
फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने सूरजकुंड मेले में झूला टूटने की घटना और भोपाल से साइबर ठगों को लाते समय हुए सड़क हादसे में घायल हुए पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया। उन्होंने इन जांबाज पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र और नकद इनाम देकर उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
सूरजकुंड मेले में 7 फरवरी को एक दुखद घटना हुई थी। मेले में लगा एक झूला अचानक टूट गया, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मी तुरंत राहत और बचाव कार्य में जुट गए। इसी बीच, झूला दूसरी तरफ से भी टूट गया, जिसमें इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए। इस हादसे में महिला एएसआई नीलम की आंख के ऊपर की हड्डी टूट गई और सिर में चोट आई। वहीं, एसपीओ राजेश कुमार की तीन पसलियां टूट गईं और महिला सिपाही शर्मिला को भी चोटें आईं। इन सभी बहादुर पुलिसकर्मियों को उनके साहसिक बचाव कार्यों के लिए पुलिस कमिश्नर सतेंद्र गुप्ता ने अपने कार्यालय में प्रशंसा पत्र और 5,000 रुपये का नकद इनाम देकर सम्मानित किया।एक अन्य घटना में, साइबर थाना सेंट्रल की टीम 13 फरवरी को भोपाल, मध्य प्रदेश से शेयर मार्केट फ्रॉड के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर फरीदाबाद ला रही थी। मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फिरोजपुर झिरका के पास रात के समय उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। इस दुर्घटना में एएसआई जितेंद्र, मुख्य सिपाही सुनील और सिपाही लक्ष्मण घायल हो गए। साथ ही, दो आरोपी भी चोटिल हुए थे। मुख्य सिपाही सुनील को गंभीर चोटें आई थीं। इसके बावजूद, पुलिस टीम ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने चारों साइबर आरोपियों को काबू में रखा और घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। इन पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस को देखते हुए, पुलिस कमिश्नर ने तीनों घायल पुलिसकर्मियों को प्रशंसा पत्र और 2,000 रुपये का नकद इनाम देकर सम्मानित किया। यह सम्मान उनके जज्बे और समर्पण को सलाम करता है।
इन घटनाओं में पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की और अपराधियों को भी पकड़ा। उनका यह कार्य दूसरे पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ऐसे बहादुर पुलिसकर्मियों का सम्मान करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस जनता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहती है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों। इन पुलिसकर्मियों ने साबित कर दिया कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं।