Meaning And Origin Of The Word Tari A Journey From Indian Kitchen To Bengali Boat
एकदम तर है तरी
नवभारत टाइम्स•
भारतीय रसोई में तरी का मतलब है मसालेदार झोल जिसमें व्यंजन डूबता है। यह शब्द उत्तर भारत, खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में प्रचलित है। संस्कृत धातु तृ से इसका संबंध है, जिसका अर्थ है पार करना या तैरना। बांग्ला में तरी का अर्थ नाव है।
भारतीय रसोई में 'तरी' शब्द का मतलब है वो मसालेदार झोल जिसमें सब्ज़ी या कोई मुख्य पकवान डूबा रहता है। यह शब्द उत्तर भारत, खासकर बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में खूब चलता है। लोग आम बोलचाल में कहते हैं, "थोड़ी और तरी डाल दो।"
शब्दों की दुनिया में देखें तो 'तरी' का संबंध संस्कृत के 'तृ' धातु से जुड़ता है, जिसका मतलब होता है 'पार करना' या 'तैरना'। इसी से 'तरल' शब्द भी बना है। 'तरी' के मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द 'रस' या 'शोरबा' भी हैं।मज़ेदार बात यह है कि बांग्ला भाषा में 'तरी' का मतलब 'नाव' होता है। महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की एक मशहूर कविता है 'सोनार तरी', जिसका अर्थ है 'सोने की नाव'।
झारखंड के कुछ इलाकों में, जहाँ खेत पानी के पास होते हैं, वहाँ के खेतों को भी 'तरी' कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहाँ फसलें पानी में डूबी रहती हैं, यानी 'तर' रहती हैं। शायद इसी वजह से इस शब्द का इस्तेमाल वहाँ होता है।
भोजपुरी भाषा में भी यह शब्द काफी पसंद किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि किसी चीज़ को तलने के बाद उसका नाम 'तरुआ' पड़ गया होगा।
अंग्रेजी में 'तरी' के लिए 'gravy' या 'curry' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है।