T20 World Cup After Defeat Against South Africa Team India Should Strategize By Relying On Their Strengths
ट्रोफ़ी जीतनी है, तो स्ट्रेंथ पर करिए भरोसा
नवभारत टाइम्स•
टीम इंडिया को टी20 विश्वकप में आगे बढ़ना है तो अपनी ताकत पर भरोसा करना होगा। साउथ अफ्रीका से हार के बाद कमजोरियों को दूर करने की जरूरत है। बड़े बदलावों से बचना चाहिए। अगले मुकाबले जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से हैं। इन टीमों के स्पिनर खतरनाक हो सकते हैं। टीम को अपनी रणनीति पर ध्यान देना होगा।
सुपर 8 के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद टीम इंडिया को घबराने की बजाय अपनी कमजोरियों पर ध्यान देना चाहिए। बड़े बदलावों से बचना होगा और अपनी ताकत पर भरोसा रखकर रणनीति बनानी होगी। भारत की खराब शुरुआत से न उबर पाने की वजह ढूंढनी होगी, जबकि साउथ अफ्रीका ने ऐसी स्थिति को बखूबी संभाला। भारतीय बल्लेबाजों ने धीमी गेंदों पर संघर्ष किया, वहीं मिलर, ब्रेविस और स्टब्स ने परिपक्वता दिखाई। साउथ अफ्रीका ने भारत के हर बल्लेबाज के लिए अलग रणनीति बनाई, जिसमें लेफ्टी ओपनरों के खिलाफ पार्ट-टाइम स्पिनर का इस्तेमाल, अभिषेक को अलग-अलग गेंदों से परेशान करना और सूर्यकुमार यादव को धीमी गेंदों पर फंसाना शामिल था। लुंगी एनगिडी की ऑफसाइड फील्ड, मार्को येनसन की नक्कल बॉल और केशव महाराज की गेंदों ने भारतीय बल्लेबाजों को बेकाबू कर दिया।
टीम इंडिया की अपनी प्लानिंग भी सवालों के घेरे में है। उपकप्तान अक्षर पटेल को न खिलाना एक भूल मानी जा रही है, जिन्होंने पिछले T20 विश्वकप फाइनल में मुश्किल हालात में टीम को संभाला था। यह भी सवाल उठ रहा है कि वाशिंगटन सुंदर को तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए टीम में रखा गया था, तो उन्हें बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ क्यों नहीं इस्तेमाल किया गया। बुमराह ने दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को आउट किया, लेकिन तीसरे लेफ्टी मिलर के खिलाफ सुंदर को चौका लगने के बाद भी कप्तान का भरोसा उन पर कम नहीं हुआ।कप्तान ने वाशिंगटन सुंदर पर तब भी भरोसा नहीं किया, जब वरुण चक्रवर्ती, जिन्हें 'ट्रंप कार्ड' माना जा रहा था, अपना जादू नहीं दिखा पा रहे थे। सुंदर ने मिलर और स्टब्स के सामने बिना कोई चौका दिए सिर्फ छह रन दिए थे, फिर भी उन पर विश्वास नहीं जताया गया। वरुण चक्रवर्ती इस मैच में अपनी लाइन और लेंथ पर नियंत्रण नहीं रख पाए थे।
टीम इंडिया के अगले मुकाबले जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से हैं। ये टीमें साउथ अफ्रीका जितनी खतरनाक नहीं हैं, लेकिन जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर अपनी क्षमता दिखाई है। जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा ऑफ और लेग स्पिन दोनों अच्छी तरह करते हैं और लेग स्पिनर ग्रेम क्रेमर अहम मौकों पर विकेट ले सकते हैं। वेस्टइंडीज के रोस्टन चेज बेहतरीन ऑफ स्पिनर हैं और गुडाकेश मोती की चाइनामैन गेंदबाजी खतरनाक साबित हो सकती है। वेस्टइंडीज का मुकाबला ईडन गार्डन में होगा, जहां कुछ साल पहले टीम ने T20 विश्व कप का खिताबी मुकाबला जीता था।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के बाद टीम इंडिया को घबराने की बजाय शांत रहकर अपनी गलतियों से सीखना होगा। "हमें खराब शुरुआत से नहीं उबर पाने की वजह तलाशनी होगी," यह बात साफ तौर पर कही जा रही है। साउथ अफ्रीका ने इस स्थिति को कैसे संभाला, यह देखना अहम है। उनके बल्लेबाजों ने धीमी गेंदों के आगे घुटने नहीं टेके, जबकि भारतीय बल्लेबाज संघर्ष करते दिखे। मिलर, ब्रेविस और स्टब्स जैसे खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी में परिपक्वता का परिचय दिया।
साउथ अफ्रीका की "शानदार प्लानिंग" की तारीफ हो रही है। उन्होंने भारत के हर बल्लेबाज के लिए अलग रणनीति बनाई। लेफ्टी ओपनरों के खिलाफ पार्ट-टाइम स्पिनर का इस्तेमाल किया गया। अभिषेक शर्मा को अलग-अलग तरह की गेंदबाजी और नक्कल बॉल से परेशान किया गया। सूर्यकुमार यादव को धीमी गेंदों पर फंसाया गया। लुंगी एनगिडी की ऑफसाइड फील्डिंग, मार्को येनसन की नक्कल बॉल और केशव महाराज की शॉट खेलने वाली गेंदों ने भारतीय बल्लेबाजों को नियंत्रण से बाहर कर दिया।
इसके विपरीत, "हमारी प्लानिंग धराशाई" हो गई। अब यह कहा जा रहा है कि उपकप्तान अक्षर पटेल को टीम में शामिल न करके गलती की गई। उन्होंने पिछले T20 विश्वकप फाइनल में मुश्किल हालात में टीम को बल्ले से संभाला था। एक और सवाल यह है कि वाशिंगटन सुंदर को तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए टीम में रखा गया था, तो उन्हें बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ क्यों नहीं इस्तेमाल किया गया? बुमराह ने दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया, लेकिन तीसरे लेफ्टी मिलर के खिलाफ सुंदर को चौका लगने के बाद भी कप्तान का भरोसा कम नहीं हुआ?
कप्तान ने वाशिंगटन सुंदर पर तब भी भरोसा नहीं किया, जब "ट्रंप कार्ड" माने जाने वाले वरुण चक्रवर्ती अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। सुंदर ने मिलर और स्टब्स के सामने बिना कोई चौका दिए सिर्फ छह रन दिए थे, तब भी उन पर विश्वास नहीं जताया गया। वरुण चक्रवर्ती इस मैच में अपनी लाइन और लेंथ पर काबू नहीं रख पाए थे।
आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। टीम इंडिया का अगला मुकाबला जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से है। ये टीमें साउथ अफ्रीका जितनी खतरनाक नहीं हैं, लेकिन जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर अपनी ताकत दिखाई है। जिम्बाब्वे के सिकंदर रजा ऑफ और लेग स्पिन दोनों अच्छी तरह करते हैं और लेग स्पिनर ग्रेम क्रेमर अहम मौकों पर विकेट ले सकते हैं। वेस्टइंडीज के रोस्टन चेज बेहतरीन ऑफ स्पिनर हैं और गुडाकेश मोती की चाइनामैन गेंदबाजी खतरनाक हो सकती है। वेस्टइंडीज का मुकाबला ईडन गार्डन में होगा, जहां कुछ साल पहले टीम ने T20 विश्व कप का खिताबी मुकाबला जीता था। (लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार और टीवी कॉमेंटेटर हैं)।