Employee Defrauds Company Of Lakhs 14 Expensive Laptops And 50 Thousand Cash Stolen Demanded Ransom By Pawning Phone
कर्मचारी ने कंपनी को लगाई लाखों की चपत
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव साइबर सिटी में एक कंपनी के कर्मचारी पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप है। नीरज कुमार सिंह नाम के इस कर्मचारी ने ऑफिस से 14 महंगे लैपटॉप और 50 हजार रुपये चुराए। उसने मोबाइल फोन गिरवी रखकर पैसे भी वसूले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना कंपनी के लिए बड़ा झटका है।
गुड़गांव साइबर सिटी में एक कंपनी के कर्मचारी ने अपने ही मालिक को लाखों का चूना लगा दिया। आरोपी नीरज कुमार सिंह ने न सिर्फ ऑफिस से 14 महंगे लैपटॉप और 50 हजार रुपये चुराए, बल्कि खाली डिब्बे छोड़कर सबको धोखा दिया। इतना ही नहीं, उसने मालिक के फोन गिरवी रखकर 25 हजार रुपये की जबरन वसूली भी की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह सनसनीखेज मामला डीएलएफ फेज-2 थाना एरिया की एक कंपनी में सामने आया है। कंपनी के मालिक अंगद चोपड़ा ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2024 से उनके यहां दिल्ली के रिठाला का रहने वाला नीरज कुमार सिंह नौकरी कर रहा था। आरोप है कि नीरज ने पहले तो ऑफिस से एक सैमसंग एस25 मोबाइल और एक आईफोन 14 प्रो चुरा लिया। इसके बाद उसने इन फोनों को गिरवी रख दिया और उन्हें वापस दिलाने के बदले मालिक से 25 हजार रुपये मांगे। मजबूरी में मालिक ने सिद्धार्थ नाम के एक व्यक्ति को 25 हजार रुपये दिए, जिसके बाद सैमसंग फोन तो वापस मिल गया, लेकिन आईफोन नहीं लौटाया गया।मामला यहीं नहीं रुका। हाल ही में 8 जनवरी को जब नीरज से स्टॉक की जानकारी मांगी गई, तो शक हुआ। 10 जनवरी को जब दूसरे कर्मचारी हरि मोहन को गोदाम में सामान की जांच के लिए भेजा गया, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। लैपटॉप के डिब्बे तो रखे थे, लेकिन वे अंदर से बिल्कुल खाली थे। जांच में पता चला कि आरोपी नीरज ऑफिस से 14 लैपटॉप और 50 हजार रुपये चुराकर फरार हो गया था। इन चोरी हुए लैपटॉप की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना साइबर सिटी में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने भरोसे का गलत फायदा न उठाएं। कंपनी मालिक अंगद चोपड़ा ने बताया कि नीरज ने उनके विश्वास को तोड़ा है और लाखों का नुकसान पहुंचाया है। पुलिस जल्द ही आरोपी नीरज को पकड़ने की कोशिश कर रही है। इस तरह की धोखाधड़ी से कंपनियों को सतर्क रहने की जरूरत है।