कपसाड़ हत्या मामला: आरोपी पारस सोम ने जेल में खुद को बताया नाबालिग, मांगी मदद

नवभारत टाइम्स

कपासाड़ गांव में हत्या और अपहरण का आरोपी पारस सोम जेल में नाबालिग होने का दावा कर रहा है। उसने जेल प्रशासन से मदद मांगी है। जेल अधीक्षक ने उसे कोर्ट में अपनी बात रखने की सलाह दी है। पारस को नए बंदियों की बैरक में रखा गया है। उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

कपसाड़ हत्या मामला: आरोपी पारस सोम ने जेल में खुद को बताया नाबालिग, मांगी मदद
मेरठ के कपासाड़ गांव में एक महिला की हत्या और युवती के अपहरण का मुख्य आरोपी पारस सोम जेल में खुद को नाबालिग बता रहा है। पारस को चौधरी चरण सिंह कारागार में नए कैदियों की बैरक में रखा गया है। जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि पारस सोम ने मदद की गुहार लगाते हुए खुद को नाबालिग घोषित करने की कोशिश की है। जेल प्रशासन ने उसे बताया है कि वह इस मामले को अपने वकील के जरिए कोर्ट में उठा सकता है। डॉ. शर्मा के अनुसार, पारस को जेल में बाकी नए कैदियों के साथ रखा गया है और उसे कंबल, बर्तन और अन्य जरूरी सामान मुहैया करा दिया गया है। जेल सूत्रों का कहना है कि पारस ने जेल में अपनी पहली रात आराम से काटी। गौरतलब है कि कपासाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले में आरोपी पारस सोम को रविवार को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।

पारस सोम, जो कपासाड़ गांव में हुई एक भयानक घटना का मुख्य आरोपी है, अब जेल में अपनी उम्र को लेकर नया खेल खेल रहा है। उसने जेल अधिकारियों को बताया है कि वह नाबालिग है और इस आधार पर मदद की उम्मीद कर रहा है। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पारस को जेल के नए कैदियों वाले हिस्से में रखा गया है।
जेल प्रशासन ने पारस को हर तरह की सुविधा दी है। उसे सोने के लिए कंबल, खाने-पीने के लिए बर्तन और अन्य जरूरी चीजें दी गई हैं। जेल के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पारस ने जेल में अपनी पहली रात चैन की नींद सोकर बिताई। यह घटना तब हुई जब रविवार को कोर्ट ने पारस को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। उस पर एक दलित महिला की हत्या करने और उसकी बेटी का अपहरण करने का गंभीर आरोप है।