दो बार मुनाफा दे जीता विश्वास, फिर ठग लिए 69 लाख रुपये

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद में एक व्यापारी को साइबर ठगों ने GTS-C ऐप पर निवेश का झांसा दिया। पहले थोड़ा मुनाफा देकर विश्वास जीता। फिर अलग-अलग खातों में 69 लाख 25 हजार रुपये जमा करा लिए। पैसे निकालने की कोशिश करने पर ठगों ने और पैसे मांगे। तब व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ।

दो बार मुनाफा दे जीता विश्वास, फिर ठग लिए 69 लाख रुपये
फरीदाबाद में एक एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट कारोबारी को साइबर ठगों ने जीटीएस सी ऐप डाउनलोड कराकर शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। ठगों ने पीड़ित से कुल 69 लाख 25 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। शुरुआत में ठगों ने मुनाफे का कुछ पैसा वापस भी भेजा, जिससे पीड़ित का विश्वास बढ़ गया। जब पीड़ित ने अपनी पूरी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसे नहीं निकले और ठगों ने और पैसे निवेश करने का दबाव बनाया, तब जाकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। साइबर थाना एनआईटी ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

शहर के पॉश सेक्टर 21बी में रहने वाले इस कारोबारी को वॉट्सऐप पर एक लिंक मिला। लिंक पर क्लिक करने के बाद उन्होंने जीटीएस सी ऐप डाउनलोड किया। ठगों ने उन्हें शेयर मार्केट में पैसा लगाकर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। पीड़ित ने 15 दिसंबर को पहली बार में 50 हजार रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में निवेश कर दिए। अगले दिन से यह रकम ऐप में दिखने लगी। 19 दिसंबर को जब उन्होंने मुनाफे के तौर पर एक हजार रुपये निकालने की कोशिश की, तो वह उनके खाते में आ गए। इससे उनका भरोसा और बढ़ गया। ऐप पर बाकी रकम भी मुनाफे के साथ दिखाई दे रही थी।
लालच में आकर पीड़ित ने ठगों के बताए अनुसार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे भेजना जारी रखा। पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि ठगों ने एक्सिस बैंक शाखा वेस्ट बंगाल में जितेंद्र कुमार अरोड़ा के खाते में पैसे मंगवाए। इसके अलावा एक्सिस बैंक की नॉर्थ ईस्ट शाखा, स्मॉल फाइनेंस बैंक आसाम, एक्सिस बैंक झांसी, राजस्थान, मरूधारा ग्रामीण बैंक कोटा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया नवी मुंबई, यस बैंक शाखा प्रियदर्शनी विहार दिल्ली, यस बैंक सिनेमा स्ट्रीट कोलकाता, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक शाखा आजमगढ़ यूपी और बंधन बैंक जैसे कई बैंकों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए।

8 जनवरी को पीड़ित को पैसों की जरूरत पड़ी और उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की। लेकिन ऐप पर दिखाई जा रही रकम उनके खाते में नहीं आई। केवल लगाई हुई मूल राशि और मुनाफा ही ऐप में दिख रहा था। जब उन्होंने वॉट्सऐप पर संपर्क किया तो उन्हें जवाब मिला कि अगर आपको पैसा निकालना है तो और पैसा लगाना होगा। यह सुनकर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। तब तक वह कुल 69 लाख 25 हजार रुपये गंवा चुके थे।

साइबर ठगों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए एक बार मुनाफे का पैसा वापस भी भेजा था। इसी वजह से पीड़ित को ठगी का पता चलने में देर हुई। ठगों ने पीड़ित को लगातार और पैसे निवेश करने के लिए दबाव बनाया। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की और पैसे नहीं निकले, तब उन्हें समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है।

साइबर थाना एनआईटी ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और ठगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। यह घटना साइबर ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है, जहां लोग ऑनलाइन लालच का शिकार हो रहे हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें। ऑनलाइन निवेश के मामलों में अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। किसी भी तरह के लुभावने ऑफर से सावधान रहें और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।