NPS खाते बढ़ाने को नियम बदलने की आस

नवभारत टाइम्स

पेंशन रेगुलेटर पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस. रामन ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में नियमों में बदलाव होंगे। इससे एनपीएस खातों की संख्या बढ़ेगी। पेंशन को सरकारी कॉन्सेप्ट से हटकर वेल्थ क्रिएशन के तौर पर देखा जाएगा। लोगों को खुद जल्द शुरुआत करनी होगी। 'पेंशनबाजार' की शुरुआत की गई है। यह प्लेटफॉर्म लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएशन को बढ़ावा देगा।

hope for rule changes to increase nps accounts emphasis on viewing pension as wealth creation

NBT रिपोर्ट, गुड़गांव : पेंशन रेगुलेटर PFRDA के चेयरपर्सन एस. रामन ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में नियमों में इस तरह के बदलाव किए जाएंगे, जिससे पर्याप्त संख्या में NPS (नैशनल पेंशन सिस्टम) खाते सुनिश्चित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि पेंशन एक सरकारी कॉन्सेप्ट के तौर पर देखा जाता है, जिसे बदला जाना जरूरी है। इसे वेल्थ क्रिएशन के तौर पर देखना होगा। इसके लिए लोगों को खुद जल्द शुरुआत करनी होगी। PFRDA चेयरपर्सन ने ' पेंशनबाजार ' की शुरुआत करते हुए यह बात कही, जिसके दायरे में एनपीएस और रिटायरमेंट से जुड़े दूसरे समाधानों को एक ही मंच पर पेश किया जा रहा है। 'पेंशनबाजार' चलाने वाली कंपनी पीबी फिनटेक के चेयरमैन यशीष दहिया का कहना है कि यह प्लैटफॉर्म लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएशन को बढ़ावा देगा।