‘ऑपरेशन गैंग-बस्ट’ में 854 संदिग्ध किए अरेस्ट

नवभारत टाइम्स

गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन गैंग बस्ट' चलाया। 48 घंटे में 9000 पुलिसकर्मियों ने छह राज्यों में 4299 ठिकानों पर छापे मारे। 854 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 280 कुख्यात गैंगस्टरों के शूटर शामिल थे। इस बड़े ऑपरेशन का मकसद संगठित अपराध पर लगाम लगाना था।

operation gang bust 854 suspects arrested in 48 hours including 280 shooters
नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले, दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर 'ऑपरेशन गैंग बस्ट' चलाया। 48 घंटे तक चले इस बड़े ऑपरेशन में 9000 पुलिसकर्मी शामिल हुए और छह राज्यों में 4299 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान 6500 संदिग्धों की पड़ताल की गई, जिसमें से 854 लोगों को गिरफ्तार किया गया। खास बात यह है कि गिरफ्तार किए गए लोगों में 280 कुख्यात गैंगस्टरों के शूटर भी शामिल हैं। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में सक्रिय बड़े और छोटे संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों का पता लगाना, उन्हें पकड़ना और सजा दिलाना था, ताकि गणतंत्र दिवस समारोह के आसपास कोई गड़बड़ी न फैले।

स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि 'गैंग-बस्ट 2026' कोड नेम वाले इस ऑपरेशन को बेहद गुप्त रखा गया था। इसका मकसद देश विरोधी और आतंकवादी तत्वों पर भी नजर रखना था। उन्होंने कहा, "गणतंत्र दिवस से पहले पुलिस ने 'गैंग-बस्ट 2026' कोड नेम वाला एक बड़ा एंटी-ऑर्गनाइज्ड क्राइम ऑपरेशन चलाया।" इस ऑपरेशन को 9 जनवरी की रात 8 बजे से 11 जनवरी की रात 8 बजे तक चलाया गया। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के सदस्यों के ठिकानों पर एक साथ छापे मारे गए।
इस बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे छह राज्यों में 4000 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस एक्शन का नतीजा यह निकला कि 48 घंटों में 690 FIR दर्ज की गईं। इन FIR में आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट (नशीले पदार्थों से जुड़ा कानून), दिल्ली आबकारी अधिनियम (शराब से जुड़ा कानून), जुआ अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत 854 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इस ऑपरेशन में संबंधित जोन के स्पेशल सीपी, क्राइम और स्पेशल सेल के अधिकारी, संबंधित जोन के जॉइंट सीपी/एडिशनल सीपी, और क्राइम और स्पेशल सेल के जिला DCPs ने अहम भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस लगातार संगठित अपराध सिंडिकेट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसमें उनकी प्रॉपर्टी जब्त करना, MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) जैसे सख्त कानून लगाना, गैरहाजिरी में ट्रायल चलाना और विदेश में रहने वाले सदस्यों को डिपोर्ट करना शामिल है।

इस रेड के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में सामान बरामद किया। आर्म्स एक्ट के तहत 122 हथियार, 188 चाकू, 129 कारतूस और 116 मोबाइल फोन जब्त किए गए। इसके अलावा, 19,96,648 रुपये नकद, एक बाइक और एक स्कूटी भी बरामद हुई। NDPS एक्ट के तहत 114.6 किलो गांजा, 15.23 ग्राम कोकीन, 36.64 ग्राम हेरोइन, 2 किलोग्राम चरस, 45 बोतल कफ सिरप, 136 कैप्सूल ट्रामाडोल, 70 अल्प्राजोलम टैबलेट, 30 एटविन टैबलेट, 39 बुप्रेनॉरपाइन टैबलेट और 29 इंजेक्शन भी जब्त किए गए। इसके साथ ही, एक कार, एक स्कूटी, 364 क्वॉर्टर शराब और अन्य सामान भी बरामद हुआ। इस ऑपरेशन से दिल्ली में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।