अंगीठी जलाकर सो गए थे, दम घुटने से गई दंपती व बच्चे की जान

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद में एक दुखद घटना सामने आई है। सरूरपुर में एक मकान में पति, पत्नी और पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अंगीठी से दम घुटना बताया गया है। कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामले की जांच की और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

couple and child die of suffocation after sleeping with an angithi lit sensation in faridabad
फरीदाबाद के मुजेसर थानाक्षेत्र में सरूरपुर गली नंबर 9 में एक मकान में मंगलवार को पति-पत्नी और उनके पांच साल के बच्चे की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया था। बुधवार को हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीनों की मौत अंगीठी से निकले कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण दम घुटने से हुई। पुलिस ने तीनों का बिसरा भी सुरक्षित कर लिया है। परिजनों ने बुधवार को तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया।

यह घटना बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले रमेश, उनकी पत्नी ममता और पांच साल के बेटे छोटू के साथ हुई। वे सरूरपुर की गली नंबर 9 में परशुराम के मकान में किराए पर रहते थे। मंगलवार दोपहर बाद पुलिस को इस घटना की सूचना मिली थी। जब पुलिस पहुंची तो रमेश के नाम से खून और उसकी पत्नी व बेटे के मुंह से झाग निकल रहा था। इससे पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया होगा।
हालांकि, मृतक रमेश के भाई राजेश ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने अंगीठी नहीं जलाई थी। मुजेसर थाना प्रभारी पूरन सिंह ने बताया कि मृतक के भाई की मौजूदगी में बुधवार को तीनों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि तीनों की मौत कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई। यह गैस अंगीठी जलाने से निकलती है। इससे यह पता चला कि वे लोग कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए थे।

थाना प्रभारी ने आगे बताया कि मृतक के भाई राजेश गेट के पास सोए थे, इसलिए वे इस जहरीली गैस के संपर्क में नहीं आए और बच गए। पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस एक रंगहीन और गंधहीन गैस होती है। जब यह गैस हवा में ज्यादा मात्रा में फैल जाती है, तो यह इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। यह गैस खून में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को कम कर देती है, जिससे दम घुटने लगता है। इस घटना ने एक बार फिर बंद कमरों में अंगीठी जलाने के खतरों को उजागर किया है।