Faridabad Woman Subjected To Third degree Torture On Suspicion Of Theft Stripped And Beaten Submerged In Water
पूछताछ के नाम पर थाने में महिला को थर्ड डिग्री टॉर्चर
नवभारत टाइम्स•
फरीदाबाद में एक महिला ने पुलिस पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का गंभीर आरोप लगाया है। चोरी के शक में थाने ले जाकर महिला को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। महिला का कहना है कि उसके कपड़े उतरवाकर, उल्टा लटकाकर और पानी में चेहरा डुबोकर यातनाएं दी गईं। पुलिस ने जबरन कागजों पर दस्तखत करवाकर महिला को छोड़ दिया।
फरीदाबाद में क्राइम ब्रांच पर थर्ड डिग्री टॉर्चर का गंभीर आरोप लगा है। सेक्टर-85 की टीम ने चोरी के शक में एक घरेलू काम करने वाली महिला को थाने ले जाकर अमानवीय यातनाएं दीं। महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके कपड़े उतरवाकर, पेट के बल लिटाकर, हाथ-पैर बांधकर पीठ पर दो महिला पुलिसकर्मियों को बैठाया। इतना ही नहीं, उसका चेहरा पानी से भरे टब में कई बार डुबोया गया, जिससे उसका दम घुटने लगा। करीब आधे घंटे तक उसे उल्टा लटकाकर पैरों पर डंडे मारे गए। इस टॉर्चर से महिला को अंदरूनी चोटें आई हैं और वह ठीक से उठ-बैठ भी नहीं पा रही है।
यह घटना सेक्टर-89 स्थित हुनर्स होम सोसायटी में हुई एक चोरी के बाद सामने आई। बीजेपी कार्यकर्ता हिमांशु सेठी के फ्लैट में चोरी हुई थी, जो उस समय वृंदावन गए हुए थे। महिला का पति उसी निर्माणाधीन इमारत में चौकीदारी करता है जहां वह काम करती है। चूंकि महिला हिमांशु सेठी के घर भी काम करती थी, इसलिए उसका नाम चोरी के शक में सामने आया।मंगलवार शाम को क्राइम ब्रांच सेक्टर-85 की टीम महिला और उसके पति को पूछताछ के बहाने थाने ले गई। वहां पहुंचते ही महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उसने बार-बार खुद को बेकसूर बताया, लेकिन पुलिसकर्मी चोरी कबूलवाने का दबाव बनाते रहे। महिला का आरोप है कि कई घंटों तक उसे प्रताड़ित किया गया। बाद में उससे एक कागज पर जबरन साइन करवाए गए, जिस पर लिखा था कि महिला को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था और फिर सकुशल छोड़ दिया गया।
पीड़िता मूल रूप से मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली है। वह और उसका पति फरीदाबाद में रहकर मजदूरी करते हैं। चोरी की घटना के बाद पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए उठाया था। महिला के वायरल हो रहे वीडियो में वह दर्द से कराहती हुई और अपनी आपबीती सुनाती हुई दिखाई दे रही है। इस घटना ने पुलिसिया बर्बरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महिला के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उसे इतना टॉर्चर किया कि वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही है। उसके शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। उसने बताया कि पुलिस ने उसे इस तरह से प्रताड़ित किया कि उसे लगा कि वह मर जाएगी। "मेरा दम घुटने लगा, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं रुके," उसने रोते हुए कहा। इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला है।