Instructions For Cleaning Drainage And Sewer Before Monsoon Relief From Waterlogging
ड्रेनेज और सीवर की सफाई के दिए निर्देश
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव शहर में जलभराव की समस्या से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। मॉनसून से पहले जलभराव वाली जगहों की पहचान कर समाधान किया जाएगा। ड्रेनेज और सीवर लाइनों को मजबूत करने के लिए योजना बनाई जा रही है। सभी सिविक एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। सीवर के पानी के अवैध डिस्चार्ज पर सख्ती से कार्रवाई होगी।
गुड़गांव में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए मॉनसून से पहले ठोस कदम उठाए जाएंगे। जीएमडीए , नगर निगम और एनएचएएआई जैसी तमाम सिविक एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। यह फैसला गुरुवार को सेक्टर-44 जीएमडीए ऑफिस में हुई एक अहम बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीईओ पीसी मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव वाली जगहों की पहचान कर उनका समाधान किया जाए। इस बैठक में ड्रेनेज और सीवर लाइन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक विस्तृत योजना (ब्लू प्रिंट) तैयार की गई।
इस योजना के तहत, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (PCB) को दस दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। मॉनसून के आने से पहले सभी ड्रेनेज सिस्टम और सीवर लाइनों की पूरी तरह से सफाई सुनिश्चित की जाएगी। सीईओ पीसी मीणा ने जीएमडीए, नगर निगम और एचएसआईआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्रों में सीवर के पानी को अवैध रूप से छोड़ने के मामलों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।बैठक में यह भी बताया गया कि मानेसर में एचएसआईआईडीसी पहले से ही 55 एमएलडी क्षमता वाला सीईटीपी (कंबाइंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) चला रहा है। इसके अलावा, सेक्टर-34 में 20 एमएलडी क्षमता वाले एक नए सीईटीपी की योजना पर काम चल रहा है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वे अनधिकृत क्षेत्रों में चल रहे सीईटीपी की पहचान करें और दस दिनों के अंदर नगर निगम (MCG) को इसकी रिपोर्ट दें।
इसके साथ ही, डेवलपर्स और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs) द्वारा स्थापित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की भी जांच करने के आदेश दिए गए हैं। एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव यह भी रखा गया कि एसटीपी पर ऑनलाइन एनालाइजर लगाए जाएं। इन एनालाइजर को जीएमडीए के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा, जिससे पानी की गुणवत्ता की रियल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी। इस बैठक में नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह और मानेसर निगम कमिश्नर प्रदीप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह संयुक्त प्रयास गुड़गांव को जलभराव मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।