गलत एस्टिमेट बना अधिक रकम मांगने का आरोप, केस दर्ज

नवभारत टाइम्स

नोएडा में फ्लैट नवीनीकरण के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इंद्र सिंह बिष्ट ने आर्किटेक्ट अनिरुद्ध घोष पर 2.67 करोड़ रुपये की डील में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। आरोपी ने सामान की कीमत बढ़ाकर फर्जी बिल पेश किए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

crores of fraud in flat renovation architect accused of wrong estimate case registered
नोएडा में फ्लैट रेनोवेशन के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सेक्टर-128 जेपी विशटाउन और सेक्टर-132 एटीएस बुके के निवासी इंद्र सिंह बिष्ट ने नई दिल्ली के आर्किटेक्ट अनिरुद्ध घोष पर 2.67 करोड़ रुपये की डील में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी आर्किटेक्ट के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित इंद्र सिंह बिष्ट के अनुसार, उन्होंने अनिरुद्ध घोष को सामग्री जुटाने और फ्लैट के नवीनीकरण का काम सौंपा था। आरोप है कि आर्किटेक्ट ने काम की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया और फर्जी बिल पेश किए। उदाहरण के तौर पर, सोफे और फर्नीचर की कीमत 10-10 लाख रुपये बताई गई, जबकि असलियत में गुणवत्ता बेहद खराब थी। इसके बावजूद, आर्किटेक्ट 4 करोड़ रुपये के काम का दावा कर रहा है।
धोखाधड़ी का यह मामला तब सामने आया जब आरोपी आर्किटेक्ट अपनी योग्यता साबित करने के लिए कोई लाइसेंस या पंजीकरण दिखाने में नाकाम रहा। कोर्ट के आदेश के बाद, सेक्टर-126 पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो रेनोवेशन जैसे कामों के लिए आर्किटेक्ट या ठेकेदार नियुक्त करते हैं। हमेशा काम शुरू करने से पहले उनकी पृष्ठभूमि और योग्यता की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लेनी चाहिए। साथ ही, हर खर्च का पक्का बिल और रसीद लेना भी बहुत जरूरी है।