102 Challans For Not Wearing Helmets At Petrol Pumps Dealers Association President Upset
पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट 102 लोगों का चालान
नवभारत टाइम्स•
लखनऊ में नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान चलाया गया। आरटीओ प्रवर्तन दल ने पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट वाले 102 लोगों के चालान काटे। इस दौरान लखनऊ पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के अध्यक्ष ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ग्राहकों को दौड़ा-दौड़ाकर चालान काटना उचित नहीं है। अभियान के तहत जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया था।
नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान के तहत लखनऊ में आरटीओ की प्रवर्तन टीम ने 102 चालान काटे। इस दौरान पेट्रोल पंपों पर चेकिंग के दौरान लखनऊ पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह प्रवर्तन टीम से नाराज हो गए। उनकी आपत्ति थी कि बिना हेलमेट पकड़े लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर चालान काटने की बजाय जागरूक किया जाना चाहिए, जिससे उनका कारोबार प्रभावित होता है। यह अभियान राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाया गया था।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के चलते आरटीओ की प्रवर्तन टीम हजरतगंज स्थित डीएम आवास के पास एक पेट्रोल पंप पर चेकिंग करने पहुंची थी। इसी दौरान लखनऊ पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह और प्रवर्तन टीम के बीच कहासुनी हो गई। वीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि "नो हेलमेट, नो फ्यूल" अभियान के तहत पेट्रोल पंपों पर जागरूकता फैलाने की बात हुई थी। उन्होंने कहा कि अफसरों ने कुछ चालान काटे, यह ठीक था, लेकिन ग्राहकों को दौड़ा-दौड़ाकर चालान काटने का क्या मतलब है? इससे कारोबार पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर चालान काटने ही हैं तो सड़क पर या चौराहों पर काटें।अफसरों ने वीरेंद्र प्रताप सिंह को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे और नाराज होकर चले गए। प्रवर्तन टीम ने हनुमान सेतु स्थित अवध ऑटोमोबाइल्स और हजरतगंज स्थित रंजन सर्विस स्टेशन पर भी यह अभियान चलाया। इस अभियान में उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम, आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पांडेय, एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह, यात्री-मालकर अधिकारी अनीता वर्मा और आभा त्रिपाठी सहित पूरी टीम मौजूद थी। इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह और लखनऊ पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के महासचिव आलोक त्रिवेदी भी मौजूद रहे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य "नो हेलमेट, नो फ्यूल" नीति को सख्ती से लागू करना था। इस नीति के तहत, जो लोग बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आते हैं, उन्हें पेट्रोल नहीं दिया जाता है। इस अभियान के दौरान, प्रवर्तन दल ने देखा कि कई लोग अभी भी बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों पर आ रहे थे। इन लोगों को समझाने और जागरूक करने के बजाय, टीम ने सीधे चालान काटना शुरू कर दिया। इसी बात पर पेट्रोलियम डीलर्स असोसिएशन के अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। उनका मानना था कि लोगों को पहले समझाया जाना चाहिए, ताकि वे भविष्य में गलती न करें। चालान काटना एक दंड है, जबकि जागरूकता एक निवारक उपाय है। उन्होंने यह भी कहा कि पेट्रोल पंपों पर इस तरह की कार्रवाई से ग्राहकों को असुविधा होती है और उनके व्यवसाय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।