करोड़ों की तीन साइबर ठगी के मामलों में चार आरोपी गिरफ्तार

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n NBT रिपोर्ट, फरीदाबाद

साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर थाना एनआईटी की टीम ने तीन अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बैंक खाते उपलब्ध कराकर और साइबर ठगों की मदद कर करोड़ों रुपये की ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में भूमिका निभाई थी।
पहले मामले में चार्मवुड विलेज निवासी एक व्यक्ति को शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफे का झांसा देकर 95.65 लाख रुपये की ठगी की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने कैथल निवासी जसवंत और ललित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ललित ने जसवंत के नाम से बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते में ठगी के 80 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे।

दूसरे मामले में एनआईटी निवासी सतपाल को वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए निवेश कर मोटा लाभ कमाने का लालच दिया गया। फर्जी लिंक के माध्यम से उससे 11.42 लाख रुपये निवेश करवा लिए गए। पुलिस ने इस मामले में आयुष, निवासी नारनौल को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि उसने हेमंत सोनी के नाम से बैंक खाता खुलवाकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था और उसी खाते में अपना मोबाइल नंबर पंजीकृत कराया था। इस खाते में ठगी के 1.50 लाख रुपये जमा हुए थे।

तीसरे मामले में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 6.61 लाख रुपये की ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस ने पियूष, निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। उसने अपनी फर्म के नाम पर बैंक खाता खोलकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था, जिसमें इस ठगी से जुड़े 2.20 लाख रुपये आए थे। अदालत ने आरोपी को सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पियूष के बैंक खाते से महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के छह अन्य साइबर ठगी के मामले भी जुड़े हुए हैं। इन शिकायतों से संबंधित 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उसके खाते में आने का पता चला है। पुलिस अब इस पूरे साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और बैंक खातों के जरिए होने वाली साइबर ठगी की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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