आपकी तो लह गई

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lehna the multipurpose word of bihar jharkhands folk language know its connection with farming and transactions
'लहना' शब्द पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार और झारखंड की लोकभाषाओं में प्रचलित एक बहुअर्थी शब्द है। सामान्य बोलचाल में यह शब्द उधार दी गई वस्तु या धन से जुड़ा है। अगर कोई किसी से कुछ समय के लिए उधार लेता है, तो वह कहता है- फलां से लहना लिया है। इसी प्रकार किसी व्यक्ति की कही बात सच साबित हो जाए या उसका प्रयास सफल हो जाए, तो कहा जाता है- 'उसकी बातें लह गईं या उसका काम लह गया।' महाजन आम तौर पर लेन-देन के लिए पावना-देना शब्द कहते हैं। किससे कितना लेना (लहना) और कितना देना है, दिवाली में नई चोपड़ी में उसका लेखा-जोखा रखते हैं। लहना खेती से भी जुड़ा है। धान की खेती में पहले नर्सरी तैयार की जाती है और जब एक फुट के पौधे तैयार हो जाते हैं तो वहां से उन्हें उखाड़कर दूसरे खेतों में कीचड़ तैयार कर रोपा जाता है। लेकिन वर्षा या सिंचाई के अभाव में जब पौधे तैयार नहीं हो पाते, तब किसान सीधे खेत में धान के बीज छिड़कते देते हैं। झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में इस प्रकार उगाई गई धान की फसल को 'लहना' कहते हैं। यह जल्दी तैयार हो जाती है और कम श्रम लगता है, लेकिन उपज भी कम होती है।

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