भारत और आइवरी कोस्ट ने रक्षा सहयोग बढ़ाया, एयरफोर्स की क्षमताएं होंगी मजबूत

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Navbharat Times
नई दिल्ली, 27 जुलाई: भारत और आइवरी कोस्ट ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और आइवरी कोस्ट एयरफोर्स के चीफ ऑफ एयर स्टाफ मेजर जनरल कोफी एन'गेसान अल्फ्रेड के बीच हुई बैठक में आइवरी कोस्ट की वायुसेना की क्षमताओं को बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने मौजूदा और भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस बीच, मेजर जनरल अल्फ्रेड ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसमें आइवरी कोस्ट एयरफोर्स की क्षमताएं बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे मिलकर आइवरी कोस्ट की वायुसेना को और अधिक सक्षम बनाने के लिए काम करेंगे। यह सहयोग दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और भी मजबूत करेगा।
बैठक से पहले, मेजर जनरल कोफी एन'गेसान अल्फ्रेड ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा किया। उन्होंने वहां देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले भारतीय वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मारक की आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार लिखते हुए कहा कि भारत के वीर सैनिकों और सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि देना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है।

मेजर जनरल अल्फ्रेड ने लिखा, "आइवरी कोस्ट एयरफोर्स और सशस्त्र बलों की ओर से मैं भारत के वीर सैनिकों और सैन्यकर्मियों को गहरी श्रद्धांजलि और सम्मान अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया।" उन्होंने आगे कहा, "यह स्मारक उनके बलिदान की स्मृति को सदैव जीवित रखे और भारतीय वायुसेना तथा आइवरी कोस्ट एयर फोर्स के बीच मित्रता को और मजबूत करे। जिन्होंने देश की सेवा की और अपने प्राण न्योछावर किए, उन्हें हमारी ओर से शत-शत नमन।"

यह रक्षा सहयोग की चर्चा ऐसे समय में हुई है जब भारत डिजिटल क्षेत्र में भी आइवरी कोस्ट के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है। इससे पहले 10 जुलाई को, विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (मध्य एवं पश्चिम अफ्रीका) सेवला नाइक मुडे ने आबिदजान में आइवरी कोस्ट की राष्ट्रीय विकास योजना 2026-2030 से संबंधित एक बैठक में भाग लिया था। इस बैठक में उन्होंने आइवरी कोस्ट के डिजिटल ट्रांजिशन एवं टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन मंत्री जिब्रिल औटारा से मुलाकात की थी।

इस मुलाकात के दौरान, भारत ने अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) के अनुभव साझा किए। इसमें यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) और आधार जैसी प्रणालियों का उल्लेख किया गया। यूपीआई एक ऐसा सिस्टम है जो मोबाइल फोन से तुरंत पैसे भेजने और प्राप्त करने की सुविधा देता है, जैसे हम व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते हैं। आधार भारत की एक पहचान प्रणाली है, जो हर नागरिक को एक विशिष्ट नंबर देती है।

दोनों पक्षों ने डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की बात भी हुई। आइवरी कोस्ट के मंत्री जिब्रिल औटारा ने भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा की बहुत सराहना की। उन्होंने कहा कि वे भारत के सफल डिजिटल इकोसिस्टम से सीखना चाहते हैं। औटारा ने कोट डी'आइवोर (आइवरी कोस्ट का दूसरा नाम) में भी भारत जैसे ही डिजिटल समाधान अपनाने में गहरी रुचि दिखाई। यह दर्शाता है कि भारत डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में दुनिया भर के देशों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन रहा है।

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