आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा वेतन, स्कूटी योजना भी जल्द:CM

नवभारत टाइम्स

उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना जल्द शुरू करने की घोषणा की है। पहले चरण में स्नातक और परास्नातक की मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलेगी। मिशन शक्ति का अगला चरण नवरात्रि से शुरू होगा। सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर जोर दिया जाएगा। वर्किंग वुमन हॉस्टल भी बनाए जाएंगे।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बढ़ेगा वेतन, स्कूटी योजना भी जल्द:CM
(फोटो- नवभारत टाइम्स)

आज का उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के 5-टी विजन- ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन का सबसे सफल मॉडल बनकर उभरा है। परंपरा, तकनीक, पारदर्शिता और विश्वास के संगम से ही परिवर्तन संभव होता है और यूपी ने इसे साबित किया है। ये बातें सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान कही। इस दौरान सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने और 5 लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की। सीएम योगी ने मंच से एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि ‘ लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना ’ जल्द लॉन्च की जाएगी। पहले चरण में स्नातक और परास्नातक की अंतिम वर्ष की मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलेगी। आगे दूसरे चरण में इस योजना का लाभ और अधिक लाभार्थियों तक बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 में 5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के प्रस्ताव दिए गए। इसके साथ ही सीएम ने विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थी महिलाओं को चेक, नियुक्ति पत्र और आयुष्मान कार्ड प्रदान किए। सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए 38.49 करोड़ रुपये की धनराशि का डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए। उन्होंने इस मौके पर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न योजनाओं की लाभार्थी महिलाओं से संवाद भी स्थापित किया। सीएम ने ऐलान किया कि मिशन शक्ति का अगला चरण आगामी नवरात्रि से शुरू किया जाएगा, जिसमें सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर और व्यापक काम होगा। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को नजरंदाज कर कोई समाज आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।

सीएम ने कहा कि बेटी अब किसी पर निर्भर नहीं रहेगी। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही विभिन्न जिलों में 500 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, ताकि नौकरी करने वाली बेटियों को सुरक्षित आवास मिले। सीएम ने कहा कि सुरक्षा के बिना स्वावलंबन संभव नहीं।