एक अकाउंट के बदले मिलते थे 25 हज़ार रुपये

नवभारत टाइम्स

पुलिस के खुलासे ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह को हर बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए 25 हजार रुपये मिलते थे। ठगी से कमाए गए पैसों पर अलग से कमीशन भी लिया जाता था। यह गिरोह लोगों को ठगने के लिए खातों का इस्तेमाल करता था। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

bank accounts were sold for rs 25000 police made a big revelation
पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों के बैंक खातों को ठगों को उपलब्ध कराता था। इस काम के लिए गिरोह को हर खाते के बदले लगभग 25 हजार रुपये मिलते थे। ठगी से कमाए गए पैसों पर उन्हें अलग से कमीशन भी मिलता था।

यह गिरोह लोगों को लालच देकर या धोखे से उनके बैंक खाते खुलवाता था। फिर इन खातों को उन अपराधियों को बेच देता था जो इनका इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए करते थे। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह को हर खाते के लिए करीब 25 हजार रुपये की रकम मिलती थी।
इसके अलावा, जब ठगी का पैसा इन खातों में आता था, तो गिरोह को उस पर अलग से कमीशन भी दिया जाता था। यह कमीशन ठगी की रकम का एक हिस्सा होता था। इस तरह, गिरोह दो तरीकों से पैसे कमा रहा था - खाते उपलब्ध कराने के लिए फिक्स अमाउंट और ठगी के पैसों पर कमीशन।

पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके द्वारा ठगे गए लोगों का पता लगाया जा सके। यह गिरोह लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटने में मदद कर रहा था।