Jail Land Complex Shopkeepers Troubled By Disorder Business Stalled Due To Illegal Encroachment Dirt And Security Threats
जेल लैंड कॉम्पलेक्स के दुकानदार अव्यवस्था से परेशान, बोले
नवभारत टाइम्स•
गुड़गांव के जेल लैंड कॉम्प्लेक्स के व्यापारी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। अवैध अतिक्रमण और गंदगी ने कारोबार को प्रभावित किया है। पार्किंग की भारी कमी और अराजक तत्वों से सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की है ताकि उनका व्यापार सुचारू रूप से चल सके और उन्हें राहत मिल सके।
गुड़गांव शहर के बीचोंबीच स्थित जेल लैंड कॉम्प्लेक्स के व्यापारी इन दिनों अवैध अतिक्रमण , गंदगी, पार्किंग की भारी समस्या और असामाजिक तत्वों से सुरक्षा के खतरे जैसी कई गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं। छह साल पहले करीब एक करोड़ रुपये प्रति दुकान की कीमत पर आवंटित हुई लगभग 70 दुकानों वाले इस मार्केट में व्यापारियों का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के अभाव में कारोबार करना बेहद मुश्किल हो गया है। व्यापारियों ने कई बार विधायक और डीटीपी नोडल अधिकारी से शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारी मौके पर आकर बिना समाधान के लौट जाते हैं, जिससे व्यापारी असहाय महसूस कर रहे हैं और उन्होंने जल्द से जल्द इन समस्याओं के समाधान की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
जेल लैंड मार्केट में करीब 70 दुकानें हैं, जिनका आवंटन छह साल पहले हुआ था। एक दुकान की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये से शुरू होती है, लेकिन अव्यवस्था के कारण यहां व्यापार करना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का आरोप है कि मार्केट की लगभग 20 दुकानों के आसपास अवैध अतिक्रमण हो गया है। इस अतिक्रमण की वजह से ग्राहकों का आना कम हो गया है, जिसका सीधा असर व्यापार पर पड़ रहा है। अतिक्रमण करने वाले लोग आसपास इतनी गंदगी फैलाते हैं कि ग्राहक दुकान तक आने से कतराते हैं। आरोप है कि रैन बसेरे की आड़ में भी अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों ने इस मामले की शिकायत कई बार विधायक और डीटीपी नोडल अधिकारी तक पहुंचाई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। विभाग के अधिकारी मौके पर आते हैं, लेकिन समाधान किए बिना ही लौट जाते हैं। इसके अलावा, आसपास के सदर बाजार और अन्य इलाकों में आने वाले लोग अपनी गाड़ियां भी यहीं पार्क कर देते हैं, जिससे पार्किंग की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।व्यापारियों का यह भी आरोप है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने मार्केट का जो नक्शा तैयार किया था, उसके अनुसार सुविधाएं नहीं दी गईं। लंबे समय तक यहां शौचालय की व्यवस्था तक नहीं थी। कई बार सीएम विंडो और अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने के बाद अब शौचालय का निर्माण शुरू हुआ है। पानी निकासी की कोई सही व्यवस्था नहीं है, जिससे बरसात के समय दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। मार्केट में कूड़े की समस्या भी लगातार बनी रहती है।
मार्केट में सुरक्षा को लेकर भी व्यापारी चिंतित हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग यहां दिनभर जुआ खेलते हैं। कई बार इसकी शिकायत शिवाजी नगर थाने में की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारी जब इसका विरोध करते हैं तो झगड़े की स्थिति बन जाती है। आरोप है कि यहां नशेड़ी भी खुलेआम नशा करते हैं, जिससे माहौल खराब हो रहा है और ग्राहकों का आना कम हो गया है।
मार्केट में असामाजिक तत्वों की वजह से माहौल खराब होता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो जाए तो व्यापारी और ग्राहक दोनों को राहत मिलेगी। - शिवेंद्र
जिला उपायुक्त कार्यालय और पुलिस कमिश्नर कार्यालय यहां से ज्यादा दूर नहीं हैं। इसके बावजूद समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रशासन को इस तरफ तुरंत ध्यान देना चाहिए। - नरेंद्र लूथरा
अतिक्रमण की वजह से यहां पियाऊ जैसी छोटी सुविधाएं भी सुरक्षित नहीं रह पातीं। अपने स्तर पर पानी की व्यवस्था करते हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण वह भी ठीक से नहीं चल पाती। - अरुणा
मार्केट में सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं है। ऐसे में दुकानदार अपनी तरफ से सफाई करवाते हैं, तभी कुछ हद तक व्यवस्था संभलती है। अगर नियमित सफाई हो तो यहां का माहौल काफी बेहतर हो सकता है। - राम कुमार
अगर जल्द ही अतिक्रमण और सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। ग्राहक कम हो रहे हैं और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। - रमेश
मार्केट में अवैध अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। इसकी वजह से दुकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। अगर समय रहते इसे नहीं हटाया गया तो स्थिति और खराब हो सकती है। - विनोद कपूर
यहां पार्किंग की भी बड़ी समस्या है। आसपास के इलाकों से आने वाले लोग अपनी गाड़ियां यहीं खड़ी कर देते हैं, जिससे ग्राहकों को काफी दिक्कत होती है। - कुलदीप
मार्केट में मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ दिखाई देती है। पानी निकासी और शौचालय जैसी सुविधाएं पहले ही होनी चाहिए थीं। - मदन लाल शर्मा