यहां शॉपिंग सेंटर व 4 हॉस्पिटल पर पब्लिक टॉइलट एक भी नहीं

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सेक्टर-30 में लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। शॉपिंग सेंटर और अस्पतालों के पास सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं। पानी की सप्लाई कम है और गंदा पानी आ रहा है। सरकारी स्कूल की टूटी बाउंड्री वॉल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा है। सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। ग्रीनबेल्ट पर जलभराव की समस्या बनी हुई है।

यहां शॉपिंग सेंटर व 4 हॉस्पिटल पर पब्लिक टॉइलट एक भी नहीं
फरीदाबाद के सेक्टर-30 के लोग सरकार को टैक्स तो दे रहे हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के पदाधिकारियों ने बताया कि सेक्टर में स्कूल, शॉपिंग सेंटर और चार अस्पतालों के पास एक भी पब्लिक टॉयलेट नहीं है। पानी की सप्लाई भी रेनीवेल से कम आ रही है, जिसके चलते लोग मजबूरी में रेनीवेल के पानी में ट्यूबवेल का पानी मिलाकर पी रहे हैं। बूस्टर से पानी सप्लाई होने वाले इस सेक्टर में पिछले कई सालों से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है, जिससे घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। हाथी पार्क के पास बने सरकारी स्कूल की बाउंड्री वॉल भी कई सालों से टूटी हुई है। इससे आवारा पशु और असामाजिक तत्व पार्क में घुस जाते हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। सफाई के लिए नगर निगम ने आठ कर्मचारी लगाए हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ दो ही कभी-कभी आते हैं। ग्रीनबेल्ट पर भी गंदा पानी जमा है क्योंकि एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने बाईपास रोड के पास पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया है। पानी की किल्लत, सीवर का ओवरफ्लो होना, ग्रीनबेल्ट पर कब्जा, जर्जर कम्युनिटी सेंटर, आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक जैसी कई समस्याओं पर एनबीटी (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन) संवाद में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी।

सेक्टर-30 के निवासी टैक्स देने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने बताया कि सेक्टर में कहीं भी पब्लिक टॉयलेट की सुविधा नहीं है, जबकि यहां स्कूल, शॉपिंग सेंटर और चार अस्पताल हैं। पानी की समस्या भी गंभीर है। रेनीवेल से पानी की सप्लाई कम होने के कारण लोग ट्यूबवेल का पानी मिलाकर पीने को मजबूर हैं। बूस्टर से पानी सप्लाई होने के बावजूद, पानी की टंकी की सालों से सफाई न होने के कारण घरों में गंदा पानी आ रहा है।
बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। सेक्टर के सरकारी स्कूल की बाउंड्री वॉल कई सालों से टूटी हुई है। इस वजह से आवारा पशु और असामाजिक तत्व स्कूल परिसर में आसानी से घुस जाते हैं। यह बच्चों के लिए एक बड़ा खतरा है।

सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। नगर निगम ने सेक्टर में सफाई के लिए आठ कर्मचारी तैनात किए हैं, लेकिन उनमें से केवल दो ही कभी-कभी सफाई करने आते हैं। इसके अलावा, ग्रीनबेल्ट पर गंदा पानी जमा रहता है। एनएचएआई ने बाईपास रोड के पास पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है, जिससे यह समस्या बनी हुई है।

एनबीटी संवाद में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने पानी की किल्लत, सीवर ओवरफ्लो, ग्रीनबेल्ट पर अतिक्रमण, जर्जर कम्युनिटी सेंटर, आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक जैसी कई समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इन समस्याओं से सेक्टर के लोग काफी परेशान हैं और जल्द से जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।