Holi Homecoming No Space In Buses Passenger Rush Overwhelms System
होली पर घर वापसी के लिए मशक्कत, बसों में नहीं मिल रही जगह
नवभारत टाइम्स•
होली के त्यौहार पर घर जाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बसों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिल रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं। अलीगढ़, आगरा और मुरादाबाद जैसे रूटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
होली के मौके पर घर जाने वालों की भीड़ से गुड़गांव बस स्टेशन पस्त है। बसों में पैर रखने की जगह नहीं मिल रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए रोडवेज प्रशासन ने ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और सात अतिरिक्त बसें चलाई हैं, खासकर अलीगढ़, आगरा और मुरादाबाद जैसे व्यस्त रूटों पर। इसके बावजूद, बसों में इतनी भीड़ है कि अतिरिक्त बसों में भी जगह नहीं मिल रही। सोमवार और मंगलवार को भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है, जिसके लिए रोडवेज ने बैकअप प्लान तैयार रखा है। गुड़गांव के डीआई दुलीचंद ने आश्वासन दिया है कि यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर और बसें चलाई जाएंगी।
होली का त्योहार नजदीक आते ही लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। गुड़गांव में बस स्टेशन पर सुबह से ही यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए बेताब हैं, लेकिन बसों की खस्ताहालत और भीड़ के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बसों के अंदर बैठने की तो बात ही छोड़िए, खड़े होने की भी जगह नहीं मिल रही है। यह स्थिति रोडवेज प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब विभाग की ओर से बसों की पर्याप्त संख्या होने का दावा किया जा रहा है।यात्रियों को सुरक्षित और समय पर उनके घर पहुंचाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। सभी ड्राइवरों और कंडक्टरों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सात अतिरिक्त बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। इन अतिरिक्त बसों को उन रूटों पर प्राथमिकता दी गई है जहां यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा है। विशेष रूप से, तीन बसें अलीगढ़ के लिए, तीन बसें आगरा के लिए और एक बस मुरादाबाद मार्ग के लिए रवाना की गई हैं। इन बसों के चलने से उन यात्रियों को काफी राहत मिली है जो घंटों से टिकट खिड़की और प्लेटफॉर्म पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।
त्योहार के कारण दफ्तरों और शिक्षण संस्थानों में छुट्टी होते ही प्रवासी मजदूरों और छात्रों का अपने घर लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। आलम यह है कि सामान्य बसों के साथ-साथ इन अतिरिक्त बसों में भी पैर रखने की जगह नहीं बची है। यात्रियों की यह भीड़ सोमवार और मंगलवार को और बढ़ने की संभावना है। इस स्थिति से निपटने के लिए रोडवेज की ओर से एक बैकअप प्लान तैयार रखा गया है।
गुड़गांव के डीआई दुलीचंद ने बताया कि होली पर किसी भी यात्री को असुविधा न हो, इसके लिए स्टाफ की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई हैं। उन्होंने कहा, "जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, जरूरत के अनुसार और भी एक्स्ट्रा बसें चलाई जाएंगी।" फिलहाल, गुड़गांव बस डिपो के पास 161 बसें हैं। इसके अलावा, दूसरे राज्यों और शहरों से आने वाली बसें भी गुड़गांव आती-जाती रहती हैं। डीआई दुलीचंद ने यह भी कहा कि अगले दो दिन तक लोग भारी संख्या में अपने घरों के लिए जाएंगे, और हमारी कोशिश यही है कि लोगों को असुविधा न हो।
यह स्थिति दर्शाती है कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर कितना दबाव पड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज प्रशासन को न केवल अतिरिक्त बसें चलानी पड़ रही हैं, बल्कि कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करनी पड़ रही हैं। उम्मीद है कि प्रशासन की कोशिशों से यात्रियों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़ेगा और वे सुरक्षित अपने घर पहुंच पाएंगे।