मामला नहीं सुलझा तो आंदोलन

नवभारत टाइम्स

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में रिटायर्ड डॉक्टरों की ग्रेच्युटी का मामला अटक गया है। समय पर भुगतान न होने से डॉक्टर नाराज हैं। केजीएमयू शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि चार हफ्तों में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। 14 मार्च को आगे की रणनीति तय की जाएगी।

मामला नहीं सुलझा तो आंदोलन
केजीएमयू में रिटायर्ड डॉक्टरों की ग्रेच्युटी का मामला गरमा गया है। समय पर ग्रेच्युटी न मिलने से नाराज केजीएमयू शिक्षक संघ (KGMUTA) ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। संस्थान का कहना है कि 60 साल के बाद अवकाश की स्थिति स्पष्ट नहीं है, जबकि अदालतों के आदेश पहले ही आ चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग पिछले तीन सालों से इस मामले को लटकाए हुए है।

शनिवार को हुई इलेक्टिव काउंसिल की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि अगर चार हफ्तों के अंदर ग्रेच्युटी से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरेंगे। केजीएमयू शिक्षक संघ (KGMUTA) ने प्रशासन को चार सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। 14 मार्च को होने वाली अगली बैठक में आंदोलन की रणनीति का औपचारिक ऐलान किया जाएगा।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि कई सेवानिवृत्त डॉक्टरों ने ग्रेच्युटी के लिए आवेदन किया था। लेकिन संस्थान की तरफ से यह दलील दी जा रही है कि 60 साल की उम्र के बाद अवकाश की स्थिति को लेकर कुछ स्पष्टता नहीं है। यह बात डॉक्टरों को बिल्कुल भी रास नहीं आ रही है। उनका कहना है कि इस मामले में अदालतों के फैसले पहले ही आ चुके हैं। इसके बावजूद चिकित्सा शिक्षा विभाग पिछले तीन सालों से इस मामले को टालता आ रहा है।

डॉक्टरों का आरोप है कि बार-बार पूछने पर भी उन्हें कोई सीधा और स्पष्ट जवाब नहीं मिलता। इससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई है। वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। शनिवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से बात हुई। सभी ने मिलकर यह तय किया कि अब इस मामले को और नहीं खींचा जाएगा।

डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि शिक्षक संघ ने प्रशासन को चार हफ्तों का समय दिया है। अगर इस समय सीमा में ग्रेच्युटी के भुगतान से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे। 14 मार्च को होने वाली बैठक में इस आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी और इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। यह मामला अब केजीएमयू में चर्चा का सबसे गर्म विषय बना हुआ है।