सफाई और न पानी का इंतज़ाम, पब्लिक टॉइलट की हालत खराब

नवभारत टाइम्स

फरीदाबाद के सेक्टर-30 के निवासी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहाँ गंदे पानी की सप्लाई हो रही है और पानी की भारी किल्लत है। पब्लिक टॉयलेट की स्थिति भी चिंताजनक है। स्कूल की टूटी बाउंड्री वॉल से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। ग्रीनबेल्ट पर जलभराव और अतिक्रमण की समस्या भी बनी हुई है। इन समस्याओं से लोग त्रस्त हैं।

सफाई और न पानी का इंतज़ाम, पब्लिक टॉइलट की हालत खराब
फरीदाबाद के सेक्टर-30 के लोग सरकार को टैक्स तो दे रहे हैं, लेकिन उन्हें पीने के लिए साफ पानी तक नहीं मिल रहा। ट्यूबवेल से आ रहे हाई टीडीएस वाले पानी को रेनीवेल के पानी में मिलाकर पीना पड़ रहा है। स्कूल की टूटी बाउंड्री वॉल से बच्चों की सुरक्षा खतरे में है और सफाई कर्मचारी भी ठीक से काम नहीं कर रहे। इन तमाम समस्याओं को लेकर आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने एनबीटी संवाद में अपनी चिंता जताई।

सेक्टर-30 को साल 1994 में बसाया गया था। तब से यहां पानी की सप्लाई ट्यूबवेल से हो रही है, जिसमें टीडीएस (पानी में घुले हुए ठोस पदार्थों की मात्रा) बहुत ज्यादा है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि रेनीवेल से भी पानी कम आता है। ऐसे में लोग मजबूरी में ट्यूबवेल के पानी को रेनीवेल के पानी में मिलाकर पी रहे हैं। सेक्टर में पानी पहुंचाने के लिए बूस्टर का इस्तेमाल होता है। लेकिन, पिछले कई सालों से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है। इस वजह से घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है।
सेक्टर में हाथी पार्क के पास एक सरकारी स्कूल है। इस स्कूल की बाउंड्री वॉल कई सालों से टूटी हुई है। इस टूटी हुई दीवार के कारण पार्क में आवारा पशु और असामाजिक तत्व आसानी से आ जाते हैं। इससे स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

सफाई को लेकर भी लोग परेशान हैं। नगर निगम ने सेक्टर में सफाई के लिए आठ कर्मचारी लगाए हैं। लेकिन, इनमें से केवल दो कर्मचारी ही कभी-कभी आकर थोड़ी बहुत सफाई करते हैं। बाकी कर्मचारी अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभाते। इसके अलावा, सेक्टर की ग्रीनबेल्ट (हरियाली वाली जगह) पर गंदा पानी जमा रहता है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने बाईपास रोड के पास पानी की निकासी का कोई इंतजाम नहीं किया है।

पानी की किल्लत, सीवर का ओवरफ्लो होना, ग्रीनबेल्ट पर अतिक्रमण, जर्जर कम्युनिटी सेंटर, आवारा कुत्ते, बंदरों का आतंक और दूसरे आवारा पशुओं का डर, ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिन पर एनबीटी संवाद में आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों ने विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सरकार से इन मूलभूत सुविधाओं को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है।