और इंटरनेट पर छा गई सांगला की होली

नवभारत टाइम्स

हिमाचल के किन्नौर की सांगला घाटी में चार दिवसीय होली उत्सव फागुली के रूप में मनाया गया। यह उत्सव रविवार से शुरू होकर 4 मार्च तक चला। होली की पूर्व संध्या पर विशेष अनुष्ठान हुए। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक शराब फासुर का आनंद लिया।

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किन्नौर की सांगला घाटी में फागुली का चार दिवसीय उत्सव रविवार से शुरू हो गया है, जो 4 मार्च तक चलेगा। इस अनोखे पर्व में लोग पारंपरिक शराब फासुर का आनंद लेते हैं, बोनफायर पर अनुष्ठान करते हैं और मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ लोक गीत गाते हैं। उत्सव का मुख्य आकर्षण रामायण के पात्रों की वेश-भूषा में किया जाने वाला पारंपरिक नृत्य और नाटक है, जो इस पर्व को और भी रंगीन बना देता है।

होली से एक रात पहले, समुदाय के लोग एक साथ मिलकर बोनफायर के चारों ओर इकट्ठा होते हैं। वे कुछ खास अनुष्ठान और रीति-रिवाज निभाते हैं। यह सब त्योहार की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस पर्व के दौरान, स्थानीय लोग अपनी खास पारंपरिक शराब, जिसे फासुर कहा जाता है, को आपस में बांटते हैं। यह फासुर इस संस्कृति का एक बहुत ही अहम हिस्सा है।

उत्सव के मुख्य दिन, लोग सुबह मंदिर में जाकर पूजा करते हैं। इसके बाद वे मिलकर लोक गीत गाते हैं। पर्व का एक और खास हिस्सा है पारंपरिक वेश-भूषा में रामायण के पात्रों की तरह नृत्य और नाटक करना। यह सब मिलकर इस उत्सव को बहुत ही जीवंत और यादगार बना देता है।