'सड़कें टूटीं, उफनता सीवर, कैब तक नहीं आती है अंदर'

नवभारत टाइम्स

शहर के पॉश माने जाने वाले सेक्टर-39 की हालत चिंताजनक है। करीब 8 हजार की आबादी वाले इस सेक्टर में टूटी सड़कें, सीवर ओवरफ्लो और पानी की किल्लत लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद सुविधाएं पुराने ढर्रे पर हैं। विदेशी नागरिक भी यहां रुकते हैं और शहर की छवि पर असर पड़ता है।

sector 39s dilapidated roads and overflowing sewer residents struggling with lack of basic amenities
शहर के पॉश माने जाने वाले सेक्टर-39 की हालत इन दिनों बेहद खराब है। करीब 8 हजार की आबादी वाले इस सेक्टर में टूटी सड़कें, सीवर का ओवरफ्लो, कूड़े के ढेर और पानी की किल्लत जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लगातार बढ़ रही आबादी के बावजूद सुविधाएं पुराने ढर्रे पर ही अटकी हुई हैं। शहर के बड़े अस्पताल के पास होने के कारण यहां आने वाले विदेशी नागरिक भी इन हालातों से परेशान हैं, जिससे शहर की छवि पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

सेक्टर-39 के निवासी इन समस्याओं से त्रस्त हैं। उनका कहना है कि सेक्टर में लगातार पीजी और हाईराइज बिल्डिंगें बन रही हैं, जिससे आबादी तो बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं जस की तस हैं। सेक्टर का एंट्री पॉइंट पूरी तरह से टूटा हुआ है और अंदर की सड़कें भी उखड़ी पड़ी हैं। इस वजह से कैब चालक भी सेक्टर में आने से कतराते हैं।
निवासियों ने अपनी समस्याओं को लेकर पार्षद, मेयर, जिला उपायुक्त, निगम कमिश्नर और मुख्यमंत्री तक शिकायतें भेजी हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है, जिससे जलभराव की स्थिति बन जाती है और लोगों को घरों से निकलना भी दूभर हो जाता है।

सेक्टर में पानी की किल्लत भी एक बड़ी समस्या है। लोगों का कहना है कि पानी की आपूर्ति अनियमित है और कई बार तो पानी की गुणवत्ता भी खराब होती है। कूड़े के ढेर जगह-जगह लगे रहते हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है।

शहर का बड़ा अस्पताल पास होने के कारण यहां विदेशी नागरिक भी रुकते हैं। ऐसे में जब वे टूटी सड़कों और गंदे पानी से गुजरते हैं तो शहर की छवि पर भी असर पड़ता है। कई बार बाहर से आने वाले लोग गड्ढों और गंदे पानी के कारण हादसों का शिकार भी हो चुके हैं। यह बातें लोगों ने NBT संवाद में कहीं। आरडब्ल्यूए ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।