Up Board Students Will Get Cheap Books Book Sale Camps Will Be Organized At Block Level
स्टूडेंट्स को सस्ती किताबें दिलवाने के लिए ब्लॉक स्तर पर लगेंगे कैंप
नवभारत टाइम्स•
यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को अब आसानी से सस्ती और अच्छी किताबें मिलेंगी। नए सत्र से पहले, जिला विद्यालय निरीक्षक ब्लॉक स्तर पर पुस्तक शिविर लगाएंगे। इन शिविरों में अधिकृत प्रकाशकों की किताबें सीधे मिलेंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं भी असली किताबें कम दाम में खरीद सकेंगे। केवल अधिकृत प्रकाशकों की किताबें ही स्कूलों में पढ़ाई जाएंगी।
यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए अच्छी खबर है। नए सेशन से पहले, शिक्षा विभाग ने तय किया है कि सभी को सस्ती और अच्छी किताबें मिलें। इसके लिए, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अब ब्लॉक लेवल पर पुस्तक बिक्री के कैंप लगाएंगे। इन कैंपों में अधिकृत प्रकाशक सीधे किताबें बेचेंगे। ग्रामीण इलाकों के छोटे दुकानदारों को भी इन कैंपों में आने का मौका मिलेगा, ताकि वे भी असली और सस्ती किताबें खरीद सकें और अपने इलाके में बेच सकें।
बोर्ड के सचिव ने बताया कि बोर्ड एग्जाम खत्म होने के बाद डीआईओएस ब्लॉक लेवल पर ये पुस्तक मेले या कैंप लगवाएंगे। इन कैंपों में सिर्फ उन्हीं प्रकाशकों की किताबें मिलेंगी जिन्हें बोर्ड ने मंजूरी दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि कोई भी विद्यार्थी या अभिभावक नकली या महंगी किताबें न खरीदें।यूपी बोर्ड से जुड़े 29,000 से ज्यादा स्कूलों में अब सिर्फ तीन अधिकृत प्रकाशकों की ही किताबें पढ़ाई जाएंगी। बोर्ड ने 36 अलग-अलग विषयों की 70 किताबें और भाषा के तीन विषयों की 12 किताबें छापने और बेचने की इजाजत दी है।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने साफ कहा है कि अगर किसी भी स्कूल में इन तीन अधिकृत प्रकाशकों के अलावा किसी और की किताबें, गाइड या नकली किताबें पढ़ाई जाती हैं, तो स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह नियम सभी तरह के स्कूलों पर लागू होगा, चाहे वे सरकारी हों, सहायता प्राप्त हों या वित्तविहीन।
इस नई व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि सभी विद्यार्थियों को एक जैसी और अच्छी क्वालिटी की किताबें मिलें। साथ ही, यह भी पक्का किया जाएगा कि किताबें सही दाम पर मिलें और कोई भी प्रकाशक या दुकानदार मनमानी न कर सके। यह पहल खासकर ग्रामीण इलाकों के बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी, जहाँ अच्छी और सस्ती किताबें मिलना अक्सर मुश्किल होता है।