बेटी की शादी थी, छुट्टी नहीं मिली तो BLO ने दी जान

नवभारत टाइम्स

फतेहपुर में एक बीएलओ ने बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने पर आत्महत्या कर ली। एसडीएम बिंदकी ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया था। इस घटना से आहत होकर बीएलओ ने प्राथमिक विद्यालय के कमरे में फांसी लगा ली। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।

बेटी की शादी थी, छुट्टी नहीं मिली तो BLO ने दी जान
फतेहपुर में एक बीएलओ ने अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी न मिलने से आहत होकर खुदकुशी कर ली। शनिवार को प्राथमिक विद्यालय के कमरे में फंदे से लटके मिले अखिलेश सविता (45) की मौत की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई। एसडीएम बिंदकी अनामिका ने शादी का कार्ड दिखाने के बावजूद छुट्टी देने से इनकार कर दिया था, जिससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार अचिलेश सिंह, सीओ गौरव शर्मा और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। परिवारीजन शव को ले जाने लगे तो पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए रोकने की कोशिश की, जिस पर नाराज होकर वे शव को पैदल ही ले जाने लगे।

अलियाबाद गांव के रहने वाले शिक्षा मित्र अखिलेश सविता की एसआईआर में ड्यूटी लगी थी। अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण पत्र लेकर वह एसडीएम बिंदकी अनामिका के पास पहुंचे थे। उन्होंने शादी में काफी दिन होने की बात कहकर छुट्टी देने से मना कर दिया। इस बात से वे बहुत दुखी थे और इसी दुख में उन्होंने स्कूल के कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
देर रात तक एडीएम अविनाश त्रिपाठी, एएसपी महेंद्र सिंह, सीओ गौरव शर्मा और तहसीलदार अचिलेश सिंह पीड़ित परिवारीजनों को समझाने का प्रयास करते रहे। माहौल में तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। आखिरकार, परिवारीजनों को पत्नी मंजू देवी के लिए नौकरी, पढ़ाई पूरी होने पर बेटे को नौकरी और साढ़े सात लाख रुपये की तत्काल मदद का आश्वासन दिया गया। साथ ही शासन से बीस लाख रुपये की मदद का भी भरोसा दिलाया गया। इन आश्वासनों के बाद परिवारीजन माने और पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।